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केजीएमयू में पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक विभाग शुरू

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जन्मजात टेढ़े पैर वाले बच्चों को मिलेगा इलाज
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लखनऊ। केजीएमयू में पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विभाग सोमवार से शुरू हो गया। देश में पहली बार आर्थोपेडिक विभाग से अलग होकर पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विभाग की शुरुआत की गई है। सोमवार को पैरामेडिकल स्टाफ ने ज्वाइन कर लिया और यहां चार मरीज भी भर्ती किए गए हैं।
केजीएमयू में ऑर्थोपेडिक्स विभाग से अलग होकर पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग बना। इसका विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार को बनाया गया है। 13 जून 2018 को इसे मंजूरी मिली। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी मंजूरी देते हुए सुपर स्पेशियलिटी के तहत एमसीएच की चार सीटों का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। यहां 20 बेड का वार्ड भी तैयार है। इस पर करीब 50 लाख रुपये खर्च आया। विभाग के लिए नए भवन न होने की बात सामने आई। इस पर तय किया गया कि ऑर्थोपेडिक्स से अलग होकर बनने वाले पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स के साथ ही स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पाइन सर्जरी व ऑर्थोप्लास्टि के लिए बहुमंजिला इमारत बनवाई जाएगी। जब तक यह इमारत नहीं बनती है, तब तक लिंब सेंटर में और शताब्दी के ग्राउंड फ्लोर पर खाली स्थान पर वार्ड विकसित कर लिए जाएं। इसी के तहत पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. अजय सिंह ने लिंब सेंटर में वार्ड विकसित करा लिया।
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शासन से पद स्वीकृत
शासन से पांच संकाय सदस्य व तीन रेजीडेंट के पद स्वीकृत हो गए हैं। लेकिन 54 नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी है। इससे इस विभाग की शुरूआत फंस गई। ऐसे में एमसीएच की सीटों पर भी संकट आ गया। विभागाध्यक्ष ने केजीएमयू प्रशासन से गुहार लगाई। इस पर केजीएमयू प्रशासन ने आंतरिक स्रोत से सात नर्सिंग स्टाफ देने पर सहमति जताई है। तय किया गया है कि जब तक विभाग के लिए शासन से नए स्टाफ की मंजूरी नहीं मिलती है तब तक इसी स्टाफ से काम चलाया जाएगा। सोमवार सुबह नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ ने पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग में ज्वाइन कर लिया। इसके बाद बच्चों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।
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प्रभावित बच्चों को मिलेगा इलाज
भर्ती करने की सुविधा होने के बाद हड्डी रोग से ग्रसित बच्चों को समुचित इलाज मिल सकेगा। विभाग के शुरू होने से उन बच्चों को खासतौर से फायदा मिलेगा जिनके हाथ-पैर जन्मजात टेढे़-मेढे़ हो जाते हैं।
प्रो. अजय कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष- पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स
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