लखनऊ। एलडीए में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। रिश्वतखोरी प्रकरण में पीसीएस अधिकारी और दो इंजीनियर निशाने पर हैं। जांच एजेंसी ने गिरफ्तार जूनियर इंजीनियर और सुपरवाइजर के मोबाइल से सौदेबाजी की कई रिकॉर्डिंग बरामद की है। उधर, एलडीए ने 100 और लोगों की सूची विजिलेंस व शासन को जांच के लिए भेजी है। ये वे लोग हैं जो आदतन आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से अवैध निर्माण की शिकायत करते हैं। माना जा रहा है कि ये शिकायतें उगाही के लिए होती हैं।
विजिलेंस ने इंजीनियर दिनेश वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश की कॉल डिटेल खंगाली है। इनमें पैसों के लेनदेन और अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने की सौदेबाजी सुनी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इन बड़े नामों के खिलाफ जल्द दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने एलडीए वीसी से भी मुलाकात की। दो सप्ताह पहले एलडीए के इंजीनियर और सुपरवाइजर के साथ बिचौलिये श्रवण कुमार को भी साढ़े सात लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।