पीसीएस-जे प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने नए सिरे से तीन सप्ताह में परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है।
कहा है कि परीक्षा परिणाम घोषित करते समय गलत पूछे गए 15 प्रश्नों को सीरीज में शामिल नहीं किया जाएगा। आयोग इन प्रश्नों को निरस्त कर चुका है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश कुमार और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने मोहम्मद अकरम सिद्दकी और अन्य की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए सुनाया।
पीसीएस-जे प्रारंभिक परीक्षा में 15 सवालों के गलत विकल्प दिए गए थे। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। कोर्ट के निर्देश पर आयोग ने विशेषज्ञ समिति से प्रश्नों की जांच कराई।
इसमें विधि विषय के नौ प्रश्न तथा सामान्य ज्ञान के छह प्रश्नों के विकल्प गलत पाए गए। ऐसे में सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को कम अंक मिले और गलत उत्तर देने वालों को अधिक अंक प्राप्त हुए।
हाईकोर्ट ने इस जानकारी के सामने आने के बाद मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी थी। आयोग ने जांच के बाद गलत सवालों को प्रश्नोत्तर की सीरिज से बाहर निकाल दिया। हाईकोर्ट ने अब बचे हुए प्रश्नों के आधार पर मेरिट तैयार कर परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है।