एलडीए की विभिन्न योजनाओं में भूखंडों और फ्लैटों के करीब 700 डिफॉल्टर आवंटियों का आवंटन निरस्त हो सकता है।
सबसे अधिक डिफॉल्टर आवंटी सुलभ आवासीय स्कीम में हैं। इनमें से 100 को एक महीने का नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
जबकि, गोमती नगर विस्तार, शारदा नगर, कानपुर रोड, कुर्सी रोड और अन्य स्कीमों में भी डिफॉल्टरों को लेकर अब प्राधिकरण बहुत जल्द ही आखिरी मौका देगा।
इन आवंटियों पर प्राधिकरण का लगभग 70 करोड़ रुपये बकाया है। ये ब्याज के तौर पर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है।
प्राधिकरण चाहता है कि अगले दो से तीन महीने में वह पूरा डिफॉल्ट साफ कर दे। जितने लोगों को धन वापस करना है, वे या तो अपना अमाउंट जमा कर दें, वरना आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे।
बाद में इन संपत्तियों को प्राधिकरण नए सिरे से नीलामी या लॉटरी से आवंटित करेगा।एलडीए ने दो दिन पहले जानकीपुरम और जानकीपुरम विस्तार में सुलभ के आश्रय-3 स्कीम में डिफॉल्टरों की सूची उजागर की है।
यहां 10 लाख रुपये की कीमत तक के फ्लैटों पर बकाये की रकम 16 लाख रुपये तक है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अनेक आवंटियों ने कितने लंबे समय तक अपनी किस्तों को भुगतान नहीं किया है।
ऐसा केवल इस स्कीम में ही नहीं है। गोमती नगर विस्तार और शारदा नगर में भूखंडों के करीब 200 आवंटी डिफॉल्टर हैं।
इनके अलावा गोमती नगर विस्तार में रिवर व्यू फेज-1 और 2, वनस्थली और सुलभ आवासीय स्कीम में 300 के करीब डिफॉल्टर हैं।
इसके अलावा बाकी डिफॉल्टर सनराइज, सृष्टि और सरगम अपार्टमेंट स्कीम में भी सैकड़ों की संख्या में आवंटी बकाया जमा नहीं कर रहे हैं।