यह हाल तब है जब उच्च न्यायालय की ओर से तीन मई को आदेश दिया गया था कि अस्पताल व चिकित्सा संस्थानों के आसपास दुकानें और अन्य तरह के अतिक्रमण न होने पाएं। इस पर आठ मई को परिसर के आसपास मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाया गया, लेकिन अब फिर से वही हालात बन गए हैं। केजीएमयू के चारों ओर अवैध वेंडरों और एंबुलेंस खड़ी रहने से जाम लगा रहता है।
केजीएमयू परिसर के आसपास अवैध तरीके से सजी दुकानें, एंबुलेंस और बेतरतीब तरीके से टेंपो खड़े रहने से जाम लगा रहता है। इस कारण चौक से ट्रॉमा तक वाहन रेंगते हुए चलते हैं। शाहमीना मार्ग पर स्थायी दुकानदारों ने भी दुकानें बढ़ा ली है, जिससे जाम लगा रहता है।
केजीएमयू गेट से कन्वेंशन सेंटर तक बुरा हाल
केजीएमयू के मुख्य गेट से आगे बढ़ने पर एक ओर ट्रॉमा सेंटर और शताब्दी अस्पताल है तो दूसरी तरफ साइकियाट्रिक, लारी कार्डियोलॉजी, जिरियाट्रिक विभाग हैं। यहां ठेले, खोमचों के साथ एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। साथ ही ई-रिक्शा भी जाम लगाते रहते हैं।
केजीएमयू परिसर के पास अनाधिकृत दुकानें, झोपड़ी, एंबुलेंस खड़े रहने से समस्या होती है। अतिक्रमण से मरीज घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इस संबंध में दो दिन पहले भी नगर आयुक्त को पत्र लिखा जा चुका है। - प्रो आरएएस कुशवाहा, चीफ प्राक्टर केजीएमयू
26 नवंबर से अब तक 10 दिन में पांच बार केजीएमयू के पास अतिक्रमण हटाया गया है। हर बार पुलिस को सूचना भेजी जाती है। इसके बाद फिर से अतिक्रमण हो जाता है। पुलिस को देखना चाहिए कि ऐसा न हो। - संतोष गुप्ता, प्रभारी जोनल अधिकारी, जोन-2