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लखनऊः जाम में फंसे मरीज, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते थम गईं सांसें

Sat, 07 Dec 2019 04:58 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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केजीएमयू के बाहर ठेलों वाले घेर रहते हैं सड़क (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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केस 1
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हरदोई के संडीला निवासी तेज प्रकाश (65) को दिल का दौरा पड़ा। परिवारीजन उन्हें लेकर केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी आ रहे थे। बेटे विक्रम ने आरोप लगाया कि सुबह 11 बजे चौक चौराहे से केजीएमयू के गेट तक जाम लगा था। वहां से दंत संकाय होते हुए लारी कार्डियोलॉजी पहुंचने में आधे घंटे से ज्यादा समय लग गया। लारी पहुंचे तो डॉक्टरों ने तेज प्रकाश को मृत घोषित कर दिया।

केस 2-
पैरालिसिस के मरीज बाराबंकी के इस्लामुद्दीन (70) को परिवारीजन निजी अस्पताल ले गए। वहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया। कमिश्नर कार्यालय होते हुए केजीएमयू आते वक्त सूरजकुंड पार्क के पास स्थित चौराहे और लिंब सेंटर के सामने जाम में एंबुलेंस करीब 40 मिनट फंसी रही। यहां से कि सी तरह आगे बढ़े तो शताब्दी अस्पताल के आगे एंबुलेंस एक बार फिर जाम में 20 मिनट फंसी रही। ट्रॉमा सेंटर की कैजुल्टी पहुंचे तो चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।
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केजीएमयू परिसर के आस-पास मुख्य मार्ग पर दुकानें और बेतरतीब वाहन खड़े होने से लग रहा जाम किस तरह मरीजों की जान ले रहा है, इसकी बानगी ये मामले हैं। कई बार ग्रामीण इलाकों से मरीज केजीएमयू परिसर के पास तक तो समय से पहुंच जाते हैं, लेकिन ट्रॉमा सेंटर के अंदर दाखिल होने में आधे से एक घंटे का वक्त लग जाता है। परिसर से सटी बाउंड्री के आसपास सजी दुकानें तो दूसरी ओर गेट के बाहर खड़ी रहने वाली निजी एंबुलेंस समस्या बढ़ा रही हैं।
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चौक से ट्रॉमा तक रेंगते हैं वाहन

यह हाल तब है जब उच्च न्यायालय की ओर से तीन मई को आदेश दिया गया था कि अस्पताल व चिकित्सा संस्थानों के आसपास दुकानें और अन्य तरह के अतिक्रमण न होने पाएं। इस पर आठ मई को परिसर के आसपास मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाया गया, लेकिन अब फिर से वही हालात बन गए हैं। केजीएमयू के चारों ओर अवैध वेंडरों और एंबुलेंस खड़ी रहने से जाम लगा रहता है।

केजीएमयू परिसर के आसपास अवैध तरीके से सजी दुकानें, एंबुलेंस और बेतरतीब तरीके से टेंपो खड़े रहने से जाम लगा रहता है। इस कारण चौक से ट्रॉमा तक वाहन रेंगते हुए चलते हैं। शाहमीना मार्ग पर स्थायी दुकानदारों ने भी दुकानें बढ़ा ली है, जिससे जाम लगा रहता है।

केजीएमयू गेट से कन्वेंशन सेंटर तक बुरा हाल
केजीएमयू के मुख्य गेट से आगे बढ़ने पर एक ओर ट्रॉमा सेंटर और शताब्दी अस्पताल है तो दूसरी तरफ साइकियाट्रिक, लारी कार्डियोलॉजी, जिरियाट्रिक विभाग हैं। यहां ठेले, खोमचों के साथ एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। साथ ही ई-रिक्शा भी जाम लगाते रहते हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार

केजीएमयू परिसर के पास अनाधिकृत दुकानें, झोपड़ी, एंबुलेंस खड़े रहने से समस्या होती है। अतिक्रमण से मरीज घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इस संबंध में दो दिन पहले भी नगर आयुक्त को पत्र लिखा जा चुका है। - प्रो आरएएस कुशवाहा, चीफ प्राक्टर केजीएमयू

26 नवंबर से अब तक 10 दिन में पांच बार केजीएमयू के पास अतिक्रमण हटाया गया है। हर बार पुलिस को सूचना भेजी जाती है। इसके बाद फिर से अतिक्रमण हो जाता है। पुलिस को देखना चाहिए कि ऐसा न हो। - संतोष गुप्ता, प्रभारी जोनल अधिकारी, जोन-2
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