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शाम चार बजे के बाद आने वाले मरीजों को नहीं मिलता आयुष्मान का लाभ

Mon, 30 Sep 2019 10:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आयुष्मान भारत - फोटो : अमर उजाला
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आयुष्मान योजना के तहत केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित विभिन्न अस्पतालों में खोले गए काउंटर चार बजे बंद हो जाते हैं। इसके बाद आने वाले मरीजों को लौटा दिया जाता है। इतना ही नहीं इन मरीजों से भर्ती होने और जांच के शुल्क भी लिए जा रहे हैं।
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शासन की ओर से निर्देश है कि आयुष्मान योजना के मरीज के अस्पताल आने पर तत्काल उसे भर्ती किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं यदि उसकेपास तत्काल आयुष्मान का कार्ड नहीं है और वह बाद में कार्ड देने की बात कहता है तो उसका इलाज मुफ्त शुरू कर दिया जाना चाहिए। लेकिन राजधानी के अस्पतालों में ऐसा नहीं हो र हा है। आयुष्मान काउंटरों का संचालन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ही हो रहा है। इस समय सीमा केबाद आने वाले मरीजों को अपनी जेब से इलाज करना पड़ेगा।

केस 1
श्रावस्ती निवासी संजय (27) को आंतों की सर्जरी करानी है। वह शनिवार को केजीएमयू आया। उसे बताया गया कि अब काउंटर बंद हो गया है अगले दिन आना। वह रविवार को काउंटर पर इंतजार करता रहा, लेकिन कोई नहीं मिला। पीआरओ से शिकायत की तो उसे सोमवार को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे के बीच आने के लिए कहा गया है।
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केस 2
पटेल नगर निवासी संतोष सिंह के बेटे के पेट में दर्द हो रहा है। उसे इमरजेंसी में भर्ती कर लिया गया। वह अपने साथ कार्ड ले आया था। लेकिन बताया गया कि रविवार को आयुष्मान मित्र नहीं है। ऐसे में सोमवार को कार्ड से इलाज शुरू किया जाएगा। संतोष का कहना है कि वह बेहद गरीब है। उसके पास पैसे नहीं है। इस बीच किसी ने चिकित्सा अधीक्षक का नंबर दिया। चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश के बाद इलाज शुरू हो पाया।
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नहीं मिलते हैं आयुष्मान मित्र

विभन्न अस्पातलों में आयुष्मान मित्र नियुक्त किए गए हैं, लेकिन उन्हें दूसरे कामों में लगा दिया गया है। मरीज के आने पर आयुष्मान मित्र नहीं मिलते हैं। इस वजह से इस योजना केलाभार्थियों को जानकारी देने वाला कोई नहीं है। आयुष्मान मित्र को इसलिए नियुक्त किया जाना था कि वह मरीजों की मदद करेगा। उसके नामांकन के बाद स्टेट स्तर पर बनी नोडल एजेंसी को सूचना भेजेगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
आयुष्मान काउंटर पीआरओ भवन में खुला हुआ है। आयुष्मान के मरीजों को भर्ती किया जाता है। समय सीमा की कोई पाबंदी नहीं है। संभव है कि मरीज गंभीर किस्म का न रहा हो, इसलिए उसे अगले दिन आने की सलाह दी गई हो।
डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू

शिकायत या सुझाव हो तो हमें बताएं
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन किया जा रहा है। इसकेतहत चयनित परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपते तक का इलाज किया जाता है। पर, अब भी लाभार्थियों को विभिन्न तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अमर उजाला ने एक अभियान शुरू की है। इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उसके निराकरण की दिशा में काम करना है, जिससे लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। यदि आपकी कोई शिकायत, सुझाव हो तो हमें बताएं।
व्हाट्सएप - 8859108092 (दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक)
मेल - chandrab@knp.amarujala.com
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