सीन -1 केजीएमयू के सर्जिकल वार्ड-3 में भर्ती बस्ती निवासी मरीज विजय (32) की पेन्क्रियास में पथरी है। वह एक माह पहले ऑपरेशन के लिए आए थे। डॉक्टरों ने जांच कर भर्ती कर लिया। मरीज आयुष्मान का पात्र है जिसका गोल्डन कार्ड बना है। अब तक उसकी सर्जरी नहीं की गई। मरीज का कहना है कि आयुष्मान काउंटर कर्मचारी सर्जरी के लिए डाटा फीडिंग ही नहीं कर रहे हैं।
सीन-2 मोहनलालगंज निवासी मजदूर रामपाल की बेटी निर्मला (14) हादसे में जख्मी हो गई थी। उसका हिप रिप्लेसमेंट होना था। तीमारदार उसे लेकर केजीएमयू आए। आयुष्मान काउंटर पर गोल्डन कार्ड तक न बनने से मरीज की सर्जरी नहीं हो सकी है। इसकी शिकायत तीमारदार ने केजीएमयू प्रशासन से की है।
सीन -3 गोसाईगंज निवासी राजीव कुमार के बेटे आशीष का पैर फ्रैक्चर हो गया था। डॉक्टरों ने इम्प्लांट लगाने की बात कही थी। मरीज ने आयुष्मान का गोल्डन कार्ड दिखाया तो डॉक्टर ने आयुष्मान काउंटर पर तीमारदार को भेजा। आयुष्मान काउंटर पर उसे लाभ न मिलने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
ये मामले महज बानगी भर हैं। केजीएमयू में आयुष्मान भारत योजना के मरीजों का उपचार करने के बजाय उन्हें खदेड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार की अहम आयुष्मान योजना की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गरीब मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।