लखनऊ। एक हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रीत की केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक के पिता मोनू कश्यप ने बताया कि माल में हुए हादसे के बाद प्रीत को दोपहर करीब 3:30 बजे ट्रॉमा कैजुअल्टी में भर्ती कराया गया था। उसका दाहिने पैर और हाथ में गंभीर जख्म थे। खून लगातार बह रहा था। चिकित्सकों ने केवल पट्टी बांधी और एक्सरे, सीटी स्कैन सहित कई जांच लिख दी। ये जांच कराने में चार घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान प्रीत के शरीर से लगातार खून बहता रहा।
परिजनों का आरोप है कि बार-बार इलाज के लिए कहने पर स्टाफ ने ऑपरेशन रात 10 बजे के बाद होने और जांच रिपोर्ट आने तक इलाज संभव न होने की बात कहकर टाल दिया। बह रहे खून को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। करीब साढ़े सात बजे मरीज की मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि अस्पताल ने मरीज को उचित उपचार प्रदान किया। परिजनों के आरोप निराधार हैं।