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एलपी के बजट से खरीद रहे रूई-पट्टी व सिरिजंज

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एलपी के बजट से खरीद रहे रूई-पट्टी और सिरिंज, अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रहीं लोकल पर्चेज की दवाएं
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बलरामपुर, सिविल, लोहिया और लोकबंधु समेत अन्य सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में लोकल पर्चेज के तहत मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही हैं।
ऐसे में जो दवाएं अस्पताल में नहीं होती हैं, उनके लिए मरीजों को निजी दवा दुकान जाना पड़ रहा है, जबकि लोकल पर्चेज के तहत ये दवाएं अस्पताल खुद मरीजों को अगले दिन दे देता था।
इसलिए हो रही परेशानी
दरअसल ड्रग कारपोरेशन अस्पतालों को रूई-पट्टी, सिरिंज, ग्लव्स और यूरो बैग जैसे सामानों की आपूर्ति नहीं कर रहा है। ऐसे में अस्पताल एलपी के बजट से हर माह लाखों रुपये का सामान खरीद रहे हैं। एलपी का बजट इन्हीं सामानों में खप जा रहा है और दवाओं के लिए पैसा नहीं बच रहा है।
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मई में मिला था बजट
स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मई में दवाओं के लिए अतिरिक्त बजट सभी अस्पतालों को जारी किया था। इसमें बलरामपुर अस्पताल को एलपी व सामान्य दवाओं का करीब दो करोड़ रुपये का बजट मिला है। लोहिया और सिविल अस्पताल को एक-एक करोड़ रुपये का बजट दवाओं के लिए मिला था। इसके बावजूद किसी भी सरकारी अस्पतालों में एलपी की दवा नहीं मिल रही है।
जेम्स पोर्टल से खरीद रहे सामान
अस्पताल के प्रभारियों का कहना है कि जेम्स पोर्टल पर उपलब्ध कंपनियों से सामान की खरीददारी की जा रही है। रूई-पट्टी, सूचर, सिरिंज, गलव्स समेत अन्य सामान जेम्स पोर्टल से खरीदे जा रहे हैं।
जानिए, क्या है लोकल पर्चेज
सरकारी अस्पताल में मरीज को अगर दवा नहीं मिल रही है तो लोकल पर्चेज यानी एलपी के तहत अस्पताल प्रशासन खुद दवा खरीदकर मरीजों को मुहैया कराता है। डॉक्टर और अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी की अनुमति से मरीज को अगले दिन दवा दिलाई जाती है।
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प्रभारी बोले- नहीं है पर्याप्त बजट
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि अस्पताल में आउटडोर एलपी के लिए अभी पर्याप्त बजट नहीं है। लिहाजा दवाएं एलपी नहीं की जा रही हैं। अभी रूई-पट्टी, सिरिंज, ग्लव्स जैसे सामान व इंडोर मरीजों की दवाएं एलपी कराकर दी जा रही है। वहीं, सिविल अस्पताल के निदेश डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि अस्पताल में आउटडोर मरीजों की एलपी नहीं की जा रही है। भर्ती मरीजों के लिए दवाएं मंगाई जा रही हैं।
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