अभी तक बिना टिकट यात्रा करने पर सिर्फ यात्रियों को ही सजा होती थी, पर अब कंडक्टर पर भी कार्रवाई होगी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में औचक निरीक्षण के दौरान यदि 10 या इससे अधिक बेटिकट यात्री सफर करते मिले तो कंडक्टरों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराके उन्हें जेल भेजा जाएगा।
वहीं, 10 से कम बेटिकट पाए जाने पर नियमित कंडक्टर सस्पेंड होंगे और संविदा वालों की नौकरी चली जाएगी।
परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने बुधवार को बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ के लिए निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम को चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया।
मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि जो चेकिंग टीम बस में बेटिकट यात्रियों की जांच करेगी उसका अधिकारी (क्षेत्रीय प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एवं यातायात अधीक्षक) कंडक्टर के खिलाफ उसी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कराकर उसे पुलिस के हवाले करेगा।
उन्होंने बताया कि 10 से कम बेटिकट यात्री पकड़े जाने पर नियमित कंडक्टर सस्पेंड किए जाएंगे और संविदा वाले कंडक्टर नौकरी से हटा दिए जाएंगे।
गांव-गांव चलेगी बस
परिवहन मंत्री ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव-गांव बस चलाई जाएगी। ग्रामीणों को यह सुविधा मिलने में थोड़ा वक्त लगेगा।
बस संचालन में परमिट का अभाव रोड़ा अटका रहा है। नए परमिट के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण के चेयरमैन रजनीश गुप्ता को निर्देशित किया गया है।
उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को बस का 50 फीसदी लोड फैक्टर लाने के बारे में भी निर्देश दिया है।