लखनऊ। जनरल टिकट पर ट्रेनों की एसी बोगियों में सफर करने वाले यात्रियों के कारण आरक्षण कराने वाले मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आराम की चाह में महंगे टिकट लेने के बावजूद उन्हें असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी शिकायतें लगातार उत्तर व पूर्वाेत्तर रेलवे डीआरएम के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर आ रही हैं।
ताजा मामला अयोध्या एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी बी-2 का है। यात्री रवि शर्मा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर जनरल टिकट के यात्रियों की भारी भीड़ की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कोच में ऐसे यात्रियों की भीड़ हो गई है, जो जनरल टिकट लेकर सवार हुए हैं। ऐसे में एसी टिकट लेकर यात्रा करने वालों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उनकी शिकायत के बावजूद रेलवे स्टाफ स्थिति को संभालने में फेल साबित हो रहा है।
इसी क्रम में दून एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी बी-1 के यात्री मुकेश ने भी रेल मंत्रालय से शिकायत की कि उनकी बोगी से लेकर बी-4 कोच तक में जनरल टिकट के यात्रियों की भीड़ है। गंगा-सतलज एक्सप्रेस के यात्री शिवम श्रीवास्तव ने भी जनरल टिकट के यात्रियों की भीड़ को लेकर नाराजगी दर्ज कराई है। कहा कि महंगे आरक्षित टिकट लेने के बावजूद सफर में मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। रेलवे प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
इसलिए हो रही असुविधा
दरअसल, रेलवे ने ट्रेनों में वेटिंग टिकटों पर कैपिंग कर दी है। इससे स्लीपर व एसी बोगियों के टिकट रिग्रेट हो जाते हैं। यात्रियों को वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में यात्री जनरल टिकट लेते हैं और एसी बोगियों में सवार हो जाते हैं। टीटीई के आने पर एक्स्ट्रा फेयर टिकट (ईएफटी) कटवा लेते हैं। यह एक तरह का जुर्माना होता है। इसकी रसीद लेकर यात्री स्लीपर व एसी बोगियों में यात्रा करते हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें एसी बोगियों में सवार होने से रेलवे स्टाफ को रोकना चाहिए।