लखनऊ। सरकार के एक आदेश ने एयरलाइंस की व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी है या फिर यह कंपनियों की लापरवाही है? लखनऊ एयरपोर्ट से रोजाना उड़ने वाली 144 उड़ानों में से शुक्रवार को करीब 30 प्रतिशत फ्लाइटें रद्द रहीं। लखनऊ आने और जाने वाली 42 उड़ानें निरस्त रहीं और इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा यात्रियों को।
24-24 घंटे से एयरपोर्ट पर बैठे यात्री चार-चार बार फ्लाइट रिशेड्यूल होने के बाद भी घर नहीं लौट पा रहे हैं। किसी को बच्चों से मिलने जाना था, कोई मुंबई से इंटरनेशनल कनेक्शन पकड़ने वाला था, लेकिन परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। कई परिवार सड़क मार्ग से अपने गंतव्य की ओर निकल गए, जबकि विदेश जाने वाले यात्री मजबूरी में एयरपोर्ट पर ही टिके हुए हैं।
9 लाख रुपये खर्च किए, फिर भी तंजानिया नहीं पहुंच सके रूपम
प्रतापगढ़ के रूपम पत्नी बीना और दो बेटियों के साथ लखनऊ से मुंबई होकर तंजानिया जाने वाले थे। बृहस्पतिवार रात 9:50 की फ्लाइट से मुंबई पहुंचना था, जहां से सुबह 5 बजे तंजानिया के लिए उड़ान थी, लेकिन इंडिगो ने बताया कि मुंबई-तंजानिया फ्लाइट रद्द है। रूपम ने मजबूर होकर 4.50 लाख रुपये खर्च कर दूसरी टिकट ली। एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि लखनऊ-मुंबई फ्लाइट भी रद्द हो चुकी है। शुक्रवार दोपहर दो बजे की फ्लाइट का आश्वासन मिला, पर वह भी निरस्त हो गई। रूपम और उनके परिवार को 24 घंटे से ज्यादा समय से एयरपोर्ट पर ही रात-दिन गुजारने पड़े।
50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च कर सड़क से घर लौटे रावल परिवार
पुणे के सुभाष रावल 28 नवंबर को बेटे की पैरेंट्स-मीट में शामिल होने आए थे। काम निपटाकर बनारस और अयोध्या दर्शन किया और 3 दिसंबर को अयोध्या से पुणे की सीधी फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन अंतिम समय में बताया गया कि अब उन्हें लखनऊ से 4 दिसंबर को वाया दिल्ली जाना होगा। रावल परिवार थककर सड़क मार्ग से लखनऊ पहुंचा, लेकिन न तो बृहस्पतिवार को उड़ान मिली और न ही शुक्रवार दोपहर 2 बजे वाली फ्लाइट। आखिरकार मजबूर होकर उन्होंने फैसला किया कि करीब 50 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च कर सड़क से ही पुणे लौटेंगे।
24 घंटे इंतजार… फिर भी नहीं मिली फ्लाइट
लखनऊ के सआदतगंज की वेरोनिका पति क्षितिज और पांच महीने के बच्चे के साथ मायके मुंबई जाने के लिए 4 दिसंबर की फ्लाइट पकड़ने आई थीं, लेकिन शुक्रवार तक भी उनकी उड़ान नहीं मिली। शुक्रवार दोपहर 2 बजे की फ्लाइट का भरोसा भी झूठा निकला। वेरोनिका का कहना है कि एयरलाइन ने न खाने-पीने की व्यवस्था की, न कोई हर्जाना दिया। इंडिगो ने केवल पैसा रिफंड करने को कहा है, लेकिन इससे उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई।
चार-चार बार बदली टाइमिंग, अंत में रद्द हो गई उड़ान
विकासनगर निवासी अनुराग श्रीवास्तव बृहस्पतिवार रात से ही एयरपोर्ट पर बैठे हैं। उनकी मुंबई जाने वाली फ्लाइट पहले रात 9:40 बजे थी। फिर उसे बदलकर 2 बजे, उसके बाद सुबह 4:40, फिर शुक्रवार को 12 बजे, 1:30 बजे और अंतिम बार दोपहर 2 बजे का समय दिया गया, लेकिन आखिरी मिनट में उन्हें बताया गया कि मुंबई और बेंगलूरू की फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं। बिना कारण बताए कैंसिल करने के बाद उन्हें कहा गया कि उड़ान 8 दिसंबर से बहाल होगी।
दो दिन से फ्लाइट का इंतजार कर रहे अभिषेक
उन्नाव के अभिषेक वर्मा 3 दिसंबर रात 9:40 की फ्लाइट से मुंबई जाने वाले थे, लेकिन दोपहर में ही उड़ान रद्द कर दी गई। संपर्क करने पर उन्हें 4 दिसंबर की फ्लाइट लेने को कहा गया, लेकिन वह भी रिशेड्यूल होती रही और फिर कैंसिल कर दी गई। बार-बार कनेक्टिंग फ्लाइट लेने का सुझाव दिया गया, लेकिन अंत में शुक्रवार दोपहर 2 बजे बताया गया कि मुंबई की उड़ान रद्द है। अभिषेक पिछले दो दिनों से लगातार एयरपोर्ट और कॉल पर जूझ रहे हैं।
हवाईअड्डे पहुंचे तो पता चला- फ्लाइट रद्द
देहरादून से एक शादी समारोह में शामिल होने लखनऊ आए रवींद्र भट्ट और उनके साथी ने बताया कि एयरलाइन ने बिना सूचना दिए उनकी फ्लाइट रद्द कर दी। दो दिनों से होटल में ठहरने के बाद वह शुक्रवार को एयरपोर्ट पहुंचे, जहां लंबे इंतजार के बाद बताया गया कि उनकी उड़ान रद्द है।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
एयरपोर्ट पर परेशान यात्री।
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