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Lucknow News: दिव्यांग चाचा की गोली मारकर की हत्या

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दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।
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लखनऊ। दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में शुक्रवार शाम जितेंद्र यादव ने दिव्यांग चाचा वीरेंद्र यादव उर्फ डोंगा (50) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात में जितेंद्र का बेटा चिराग भी शामिल था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। जितेंद्र की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में संपत्ति और पेंशन के रुपये के विवाद में घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
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तालकटोरा के मेहंदीखेड़ा निवासी वीरेंद्र जन्म से दृष्टिबाधित और बाएं हाथ से दिव्यांग थे। छह माह से वह बुजुर्ग मां अशोका देवी के साथ दुबग्गा के टांडखेड़ा स्थित ननिहाल में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे वह गांव में भैंस की हौदियां के बाहर बैठे थे। इसी दौरान भतीजा जितेंद्र व उसका बेटा चिराग बाइक से पहुंचे। दोनों ने वीरेंद्र को साथ घर चलने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया।

इस पर दोनों भड़क उठे और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर वीरेंद्र को पीटा और फिर जितेंद्र ने उनके सीने में गोली मार दी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी भाग निकले।
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गोली चलने की आवाज सुन परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दुबग्गा पुलिस वीरेंद्र को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि वीरेंद्र के रिश्ते के भतीजे कपिल यादव की तहरीर पर जितेंद्र व चिराग के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर किया गया है। चिराग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जितेंद्र की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।



संपत्ति, पेंशन के लिए अकसर करते थे विवाद
वीरेंद्र के पिता बेचालाल रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। 25 वर्ष पहले उनकी मौत हो गई थी। बेचालाल के दूसरे बेटे नरेंद्र को उनकी जगह नौकरी मिली थी। मां अशोका देवी को पेंशन मिल रही थी। घरवालों का कहना है कि अशोका ने पेंशन के रुपये खाते से कभी निकाले ही नहीं। वीरेंद्र के नाम मेहंदीखेड़ा में एक हजार वर्गफीट का मकान है। आरोपी जितेंद्र व चिराग अकसर वीरेंद्र और अशोका से संपत्ति व पेंशन के रुपये को लेकर झगड़ते थे। इसी से परेशान होकर वीरेंद्र मां के साथ ननिहाल आकर रहने लगे थे। तीन माह पहले भी आरोपियों ने टांडखेड़ा गांव आकर वीरेंद्र के साथ मारपीट की थी।

दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।

दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।

दुबग्गा के टांडखेड़ा गांव में हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।

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