त्रिवेणी नगर में किराये पर रहने वाले एक बुजुर्ग का बेटा दीवाली पर दिल्ली से घर आया। दो दिन बाद वह लौट गया। इस दौरान उसकी न कोई जांच हुई और न ही निगरानी समिति के जरिये टीम को सूचना देकर कोई रिकॉर्ड निकलवाया गया।
केस-2
इंदिरानगर के रहने वाले इंजीनियर एक निजी कंपनी में दिल्ली में कार्यरत हैं। दीवाली पर वह निजी साधन से घर आए। तीन दिन बाद कोई भी टीम जांच के लिए नहीं गई। इंजीनियर पर्व मनाकर लौट गए।
दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर आने के बाद लखनऊ में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि करीब 32 हजार यात्री रोजाना राष्ट्रीय राजधानी से आ रहे हैं। ट्रेन, हवाई जहाज और बस से आने वाले इन यात्रियों की न तो जांच हो रही है न ही इनकी ट्रेवेल हिस्ट्री जुटाई जा रही है।