लखनऊ से प्रयागराज के लिए जेट की फ्लाइट 9डब्ल्यू-355 चलती थी, जो सुबह 6:50 बजे रवाना होकर 7:55 बजे प्रयागराज पहुंच जाती थी। यह सफर करीब एक घंटे का होता था। अब यात्री कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर कर रहे और इसमें घंटों लगते हैं। लखनऊ से जयपुर की फ्लाइट भी करीब दो घंटे में यात्रा पूरी करवाती थी, जबकि अन्य रुटीन फ्लाइटों पर खासा वक्त लगता है।
सस्ती व किफायती फ्लाइटों का किराया दो से ढाई हजार रुपये तय था। अब यात्रियों को नियमित उड़ान से सफर करना पड़ा रहा और किराया भी कई गुना अधिक देना पड़ रहा है। मसलन, प्रयागराज के लिए पहले जहां नौ से 15 सौ रुपये तक में टिकट मिल जाता था, वहीं अब यह छह से दस हजार रुपये तक पहुंच रहा है।
ऐसे ही इंदौर के लिए 18 सौ के टिकट के एवज में अब चार से आठ हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ के लिए किराया भी आठ हजार रुपये के आसपास पहुंच रहा है।
जेट एयरवेज ने उड़ान स्कीम के एटीआर श्रेणी के विमानों का संचालन कुछ समय के लिए दिल्ली रूट पर भी किया था। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिली थी। दो महीने में ही इस सेवा को बंद कर दिया गया। इसके चलते दूसरी विमान सेवाओं पर बोझ बढ़ा और इसका असर किराए पर पड़ा।
देहरादून-भोपाल वाया लखनऊ भी बंद
एलायंस एयरलाइन की देहरादून से भोपाल वाया लखनऊ चलाई गई फ्लाइट भी बंद कर दी गई। इस फ्लाइट से देहरादून से लखनऊ आने व लखनऊ से भोपाल जाने वाले यात्रियों को सस्ते टिकट मिल जाते थे।