लखनऊ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के महाराजा लाखन पासी को लेकर दिए गए बयान के विरोध में बुधवार को महाराजा लाखन पासी स्वाभिमान समिति और विभिन्न पासी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट गेट नंबर-4 पर नारेबाजी करते हुए नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा।
समिति अध्यक्ष डॉ. मोहनलाल रावत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि इतिहासकारों और लखनऊ गजेटियर के अनुसार, लखनऊ की स्थापना महाराजा लाखन पासी ने की थी। सामाजिक न्याय मोर्चा के संयोजक रमाशंकर भीम ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में लक्ष्मण के किसी नगर की स्थापना का उल्लेख नहीं मिलता। वक्ताओं ने रामभद्राचार्य के बयान (भगवान लक्ष्मण ने बसाया और लाखन पासी ने सजाया) की निंदा करते हुए इसे इतिहास के तथ्यों के विपरीत बताया। राष्ट्रीय पासी मंच के अध्यक्ष विश्रामराज पासी ने कहा कि रामभद्राचार्य को पासी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
प्रदर्शन करते समिति के सदस्य।
प्रदर्शन करते समिति के सदस्य।