यूपी विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, सीएम योगी आदित्यनाथ व अन्य।
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यूपी विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष पुलिस के इकबाल को खत्म करना चाहता है। प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के सारे बंदोबस्त कर रही है। इसका नतीजा है कि कई मामलों में एफआईआर के 100 दिन में सजा कराने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन चुका है। हम फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को सभी 18 मंडलों में स्थापित कर रहे हैं। प्रत्येक जिले को दो फोरेसिंक मोबाइल वैन भी दी गई हैं।
खन्ना सपा सदस्य पंकज मलिक द्वारा प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए कोई कार्ययोजना बनाने के लिए पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 500 किमी दूर स्थानांतरण करने से सिपाही के परिवार पर बुरा असर पड़ता है। कई जिलों में तो सिपाही लापता तक हैं।
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इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सपा सदस्य के सवालों का विस्तार से जवाब दिया जा चुका है। सपा के आरके वर्मा द्वारा सिपाहियों की स्थानांतरण और पोस्टिंग नीति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खन्ना ने कहा कि सपा सरकार ने कई संस्थाओं को बर्बाद किया था। अब फोर्स को भी बर्बाद करने पर तुले हैं। भाजपा सरकार से ज्यादा पुलिस में भर्ती और पदोन्नति किसी भी दूसरी सरकार ने नहीं की है। हम पुलिस विभाग में अब तक 2.19 लाख भर्तियां कर चुके हैं।
मानदेय नहीं बढ़ा तो पत्नी छोड़कर चली गई
विधानसभा में सपा सदस्य समर पाल सिंह ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सपा सदस्य ने कहा कि मुझे एक शिक्षामित्र ने बताया कि मानदेय नहीं बढ़ने से उसकी पत्नी छोड़कर चली गई। कल्याण सिंह भी शिक्षक थे, यदि उनके पौत्र मानदेय बढ़ाते हैं तो उनकी आत्मा भी आशीर्वाद देगी।
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पत्रकारों का सम्मान करती है सरकार
खन्ना ने विधानसभा में कहा कि सरकार पत्रकारों का पूरा सम्मान करती है। उनकी सुरक्षा को लेकर सजग भी है। कोरोना काल में दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को सरकार ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई थी। वह सपा सदस्य इंजीनियर सचिन यादव द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान सचिन ने एक पत्रकार की हत्या का प्रकरण उठाए जाने पर उन्होंने जवाब दिया कि इसमें जो हिस्ट्रीशीटर शामिल था, उसका आपकी पार्टी से संबंध है। सपा सरकार में पत्रकारों पर हुए हमलों में भी आपकी पार्टी के लोग शामिल थे। जब सरकार में थे तो एक पत्रकार के गर्दन पर तलवार तक रख दी गई थी।