मेट्रो की पार्किंग के लिए निर्माण का काम देख रहे अधीक्षण अभियंता चक्रेश जैन ने बताया कि एयरपोर्ट पर अपनी पार्किंग मौजूद है। इसके बाद अमौसी स्टेशन पर है। ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन पर पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इससे आगे कृष्णानगर और सिंगारनगर दोनों मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग नहीं है।
सिंगारनगर में जमीन मिलना मुश्किल है। ऐसे में कृष्णानगर स्टेशन पर पार्किंग प्रस्तावित की गई है। यहां पुलिस थाना या दूसरी जमीन पर निर्माण किया जा सकता है। सिंगानगर से आगे चंदरनगर और आलमबाग बस अड्डा की पार्किंग है। आलमबाग और आलमबाग बस अड्डा स्टेशनों के यात्रियों को यहां पार्किंग सुविधा मिल जाएगी।
वहीं दुर्गापुरी, मवैया और चारबाग मेट्रो स्टेशनों के यात्रियों को पार्किंग लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर मिल जाती है। इससे आगे सचिवालय पर विधानसभा और बापू भवन की अपनी पार्किंग हैं। आम यात्रियों के लिए हजरतगंज की मल्टीलेवल पार्किंग का विकल्प है। केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर भी भूमिगत पार्किंग है।
विश्वविद्यालय, आईटी कॉलेज दोनों जगह पार्किंग नहीं है। बादशाह नगर स्टेशन पर भी रेलवे स्टेशन की वजह से पार्किंग की जरूरत है। भूतनाथ मार्केट पर भी पार्किंग बनी हुई है। पॉलीटेक्निक के पास इंदिरानगर स्टेशन और मुंशीपुलिया दोनों मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग नहीं है।
चक्रेश जैन का कहना है कि अभी तीन प्रमुख स्टेशनों पर पार्किंग से यात्रियों की काफी हद तक जरूरत पूरी हो जाएगी। अभी चारबाग से आगे हुसैनगंज पर कोई फैसला नहीं है।
यहां जगह मिलने पर पार्किंग का निर्माण किया जा सकता है। पार्किंग की आवश्यकता का भी आकलन करना होगा। अभी ट्रांसपोर्ट नगर, विश्वविद्यालय और बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग का निर्माण होगा।