लखनऊ। रोजाना करीब दस हजार वाहन अमीनाबाद बाजार पहुंचते हैं, लेकिन यहां केवल एक भूमिगत पार्किंग है, जिसकी क्षमता महज 600 वाहनों की है। जगह सीमित होने से आधी पार्किंग तो दुकानदारों और आसपास रहने वालों के मासिक पास वाले वाहनों से ही भर जाती है। ग्राहकों के लिए स्थान न होने पर वे सड़क पर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर होते हैं, जहां पुलिस चालान काट देती है। इस अव्यवस्था से व्यापारी परेशान हैं और उन्होंने एक अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।
सड़क पर ठेले और अवैध कब्जे ने बढ़ाई मुश्किल
बाजार की सड़कों पर अवैध दुकानें और ठेले लगने से आधी से ज्यादा जगह अवरुद्ध रहती है। नतीजा यह कि जाम से लोग ऐतिहासिक अमीनाबाद आने से कतराने लगे हैं, जिससे दुकानदारों के कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
अवैध पार्किंग और वसूली का खेल
पार्किंग के संकट का फायदा दबंग भी उठा रहे हैं। झंडेवाला पार्क, हनुमान मंदिर, दवा मार्केट और नजीराबाद रोड पर निजी कॉम्प्लेक्स के बाहर अवैध पार्किंग धड़ल्ले से चल रही है। सड़क-फुटपाथ पर पार्किंग होने से जाम की समस्या कम नहीं हो रही है। वहीं, झंडेवाला भूमिगत पार्किंग में भी तय शुल्क से अधिक वसूली के आरोप लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि शिकायत नगर निगम से लेकर शासन तक की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
व्यापारियों का कहना
Iदो घंटे में फुल हो जाती पार्किंगI
Iबाजार में एकमात्र पार्किंग दो घंटे में फुल हो जाती है। ग्राहक मजबूरी में सड़क पर गाड़ी खड़ी करता है तो पुलिस चालान काट देती है। ऐसे में ग्राहक दोबारा बाजार आना ही नहीं चाहता।I
I
- सिब्तैन इकबाल रिजवी, दुकानदारI
Iक्रेन से गाड़ियां उठें तो सुधरे हालातI
Iजैसे हजरतगंज में सड़क से गाड़ियां क्रेन से उठाई जाती हैं, वैसे ही यहां भी व्यवस्था हो। पुलिस चालान करती है, लेकिन लोग मानते नहीं। सभी को सहयोग करना होगा, तभी सुधार आएगा।I
I- किशन कुमार, दुकानदारI
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।
अमीनाबाद में बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़िया और लगा जाम।