लखनऊ। इटौंजा के महोना वार्ड नंबर नौ में हुए दर्दनाक हादसे में अरमान और अली की मौत की जानकारी स्थानीय लोगों ने उनके माता-पिता को नहीं दी। स्थानीय लोग हर व्यक्ति को सांत्वना देते रहे। भीड़ में हर कोई अपने की तलाश कर रहा था। चारों तरफ चीखपुकार मची थी।
अरमान के माता-पिता अपने बच्चों को तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। इसी बीच अरमान के पिता कल्लू और अली के पिता कासिम को पुलिस ने बताया कि आपके दोनों बच्चे अस्पताल भेजे गए हैं। इसके बाद वहां कोहराम मच गया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें दोनों की मौत की जानकारी नहीं दी।
उन्हें सिर्फ यह बताया गया कि दोनों को मामूली चोट लगी है। इसके बावजूद कल्लू और कासिम बिलखते हुए अपने जिगर के टुकड़ों को मलबे में तलाशते रहे। यह देख अन्य लोगों ने उन्हें संभाला। इसके बाद कल्लू और कासिम चीखते हुए अस्पताल जाने की जिद करने लगे। ऐसे में उन्हें पुलिस ने किसी तरह से रोका। वहीं अस्पताल में भी घायलों के परिजन रोते बिलखते रहे। देर रात में सैकड़ों की संख्या में अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलानी पड़ी।
घटना ऐसी की सहम उठे लोग : घटना इतनी भीषण थी कि वहां मौजूद लोगों में दहशत छा गई। भगदड़ में कई लोग गिरकर भी घायल हो गए। किसी के सिर तो किसी के पैर में चोट आ गई। लोगों ने बताया कि ऐसा हादसा वे कभी भूल न सकेंगे।
मौके पर लोगों से बात करती पुलिस व अस्पताल लाए गए घायल।
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