राममंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन कर चुके तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने एक बार फिर अन्न-जल का त्याग कर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
इसबार वे एक चैनल के स्टिंग की वायरल वीडियो के आधार पर अयोध्या विवाद के मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब के विरूद्ध राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के लिए दी अपनी तहरीर पर तीन दिन से केस दर्ज होने से खफा हैं।
वायरल वीडियों में हाजी महबूब के द्वारा 6 दिसंबर 1992 की घटना में कारसेवकों पर बम फेंकने की बात स्वीकार की जा रही है, इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट से मंदिर के पक्ष में फैसला आने पर न मानने आदि राष्ट्रविरोधी बयान है।
इसी बयान के आधार पर महंत परमहंस ने अयोध्या कोतवाली में तहरीर देकर हाजी महबूब पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की थी। कोतवाली पुलिस ने तहरीर रामजन्मभूमि थाने को सौंप दी थी।
अब परमहंस का आरोप है कि पुलिस तीन दिन बीतने के बाद भी हाजी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। इसके विरोध में रविवार से परमहंस ने अन्न जल का त्याग करते हुए अपने आश्रम पर आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। चेतावनी दिया कि जब तक मुकदमा दर्जनहीं होता है वह अन्न जल नहीं ग्रहण करेंगें।
मौके पर सीओ अयोध्या अमर सिंह व थानाध्यक्ष आरजेबी ने समझाने की कोशिश की, मगर परमहंस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही अनशन छोड़ने पर अड़े रहे। सीओ ने बताया कि परमहंस की तरफ से मिली तहरीर की जांच की जा रही है।