अयोध्या मामले की सुनवाई जनवरी तक के लिए स्थगित किए जाने से निराश तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने सरकार से एक महीने में कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण करने की अपील की है और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसा न हुआ तो हम आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
परमहंस दास ने सोमवार को ये बातें कही। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुलह समझौते से मामले को सुलझाने का संकेत दिया है। सरकार पूर्ण बहुमत में है। कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण करना चाहिए। अयोध्या के 99 फीसदी मुसलमान राम जन्मभूमि पर मंदिर चाहते हैं। उन्होंने सरकार पर जबरदस्ती आमरण अनशन तुड़वाने का आरोप लगाया।
महंत परमहंस ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, मैं जब एक अक्टूबर से राम मंदिर के लिए आमरण अनशन कर रहा था तब मुझे जबरदस्ती तपस्वी छावनी के सामने से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरी मुलाकात करवाने का भी वादा किया था पर वह इस बात को भूल गए। अब सरकार को चाहिए कि जिस तरह एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाया गया वैसा ही अयोध्या मामले पर भी किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि छह दिसंबर को ढांचा गिराया गया था। मैं छह दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठूंगा और अगर मुझ पर किसी भी तरह का दबाव डाला गया या अभद्रता की गई तो मैं आत्मदाह करने के लिए मजबूर होऊंगा और समझ जाऊंगा कि अब हिंदू समाज को न्याय नहीं मिलने वाला।