अयोध्या छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि चाहे जो हो जाए, योगी मंदिर नहीं हटेगा। इस मंदिर में अनवरत पूजा-पाठ, आरती का कार्य जारी रहेगा। इसमें किसी ने दखल देने की कोशिश की तो बर्दाश्त नहीं होगा। वह स्थलीय परीक्षण में सरकारी भूमि पर निर्मित कल्याण भदरसा के योगी मंदिर पहुंचे थे।
उन्होंने यहां भक्तों के साथ पहुंचकर पूजा-पाठ किया और आरती उतारी। इसके बाद मंदिर परिसर में बने शनि देव मंदिर, अष्टभुजी माता मंदिर पर माथा टेका। कहा कि योगी मंदिर के निर्माता प्रभाकर मौर्य की शिकायत पर सोहावल तहसील प्रशासन स्थलीय परीक्षण कराने के उपरांत यह जान चुका है कि कुछ ही दूरी पर बनाई गई मस्जिद व मजार की भूमि भी सरकारी भूमि के दायरे में आती है।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान भी बनाए गए हैं। लोगों ने खलिहान भी बनाया है। पहले उन सबको बेदखल कर अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। इसके बाद ही प्रशासन सरकारी भूमि पर निर्मित योगी मंदिर को हटाने के बारे में सोचें।