स्थानीय स्तर पर प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की कमी न हो इसके लिए प्रदेश की ग्राम पंचायतों में इस वर्ष 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का काम होगा। ग्राम पंचायतों को इसकी कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य वित व केंद्रीय वित की संस्तुति पर वित वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई रकम में करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सका। यह रकम चालू वित वर्ष में खर्च की जानी है।
इसी तरह वितीय वर्ष 2020-21 में पंचम राज्य वित से 4,340 करोड़ और 15 वें वित आयोग की संस्तुतियों से 6,825 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। इस तरह करीब 11,165 करोड़ रुपये पूरे वित वर्ष में खर्च के लिए इन्हीं मदों से उपलब्ध रहेंगे।
यह रकम प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने में खर्च किया जाएगा। इसके लिए पंचायतें पंचायतीराज विभाग के दिशानिर्देश के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करेंगी। राज्य वित आयोग की संस्तुति पर दी जाने वाली रकम का 50 प्रतिशत हिस्सा पूर्व निर्मित परिसंपतियों के अनुरक्षण व 50 प्रतिशत नए कार्यों पर खर्च होगी।