लखनऊ। राजधानी में उमस के साथ बिजली की खपत भी बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से बिजली कटौती हो रही है और उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में पसीने से तर बतर होना पड़ रहा है। पिछले एक महीने में बिजली की मांग 400 मेगावाट तक बढ़ गई है। विभाग ही आशंका जता रहा है कि 30 जून तक संकट ऐसे ही बना रहेगा। इन दिनों राजधानी में बिजली की कटौती काफी बढ़ गई है। दिन ही नहीं रात में भी बिजली कटौती हो रही है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उदय गंज, हुसैनगंज, पुराना लखनऊ, चौक, अलीगंज, राजेंद्र नगर, मोती नगर, आशियाना, आलमबाग जैसे तमाम इलाकों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गत 15 मई से 12 जून के बीच राजधानी में बिजली की मांग 400 मेगावाट तक बढ़ी है, जिससे राजधानी में बिजली की कुल खपत रोजाना 1300 मेगावाट प्रतिदिन तक हो गई है। राजधानी में 115 बिजलीघर हैं, फिर भी उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। विभाग अब बारिश से उम्मीद लगाए बैठा है कि इसके बाद बिजली की मांग घट जाएगी। एसी का इस्तेमाल कम हो जाएगा और संकट से मुक्ति मिलेगी। खराब ढांचे की वजह से परेशानी राजधानी में बिजली संकट की मुख्य वजह आधारभूत ढांचे का मजबूत नहीं होना है। लोड बैलेंसिंग नहीं हो पा रही है। वहीं आए दिन इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, जिसकी वजह से बार-बार बिजली संकट पैदा हो रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, पर इसकी गति काफी धीमी है। मरम्मत हो रही है गर्मी की वजह से बिजली की खपत बढ़ गई है, जिसकी वजह से दिक्कतें हो रही है। जैसे ही बारिश शुरू होगी, खपत कम होगी। हालांकि व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए मरम्मत कार्य लगातार किए जा रहे हैं। - प्रदीप कक्कड़, मुख्य अभियंता, ट्रांस गोमती