ग्राम प्रधान चुनाव में कई प्रभावशाली लोग अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब रहे, तो वहीं कुछ का नसीब ठीक नहीं रहा। ऐसे में कहीं जश्र का माहौल दिखा, तो कहीं मायूसी पसरी रही। प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में विजय के बाद संबंधित प्रत्याशियों के घर देर सायं तक समर्थकों का भारी जमावड़ा रहा।
टांडा से सपा विधायक अजीमुलहक पहलवान ने बसखारी विकास खण्ड क्षेत्र के अपने गांव भूलेपुर से पत्नी मोनिशा खातून को प्रधान पद का उम्मीदवार बनाया था। मतों की गणना के बाद घोषित हुए नतीजे में उनकी पत्नी ने एकतरफा मुकाबले में जीत दर्ज की।
बसपा नेता व पूर्व एमएलसी अतहर खां की किस्मत हालांकि ठीक नहीं रही। उन्होंने अपनी पुत्रवधू उजमा खान को बसखारी ब्लाक के ही जैनुद्दीनपुर गांव से प्रधान का चुनाव लड़वाया था। इसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।
हालांकि अतहर खां ने इसमें मनमानी का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक पहले हुई मतगणना में उजमा 23 मतों से जीती थीं, लेकिन बाद में कराई गई पुनर्मतगणना में उन्हें 2 मत से पराजित घोषित किया गया।
जहांगीरगंज विकास खण्ड के जहांगीरगंज ग्राम पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहीं सपा के पूर्व प्रदेश सचिव योगेंद्रनाथ त्रिपाठी की पुत्रवधू नीतू को हार का मुंह देखना पड़ा है।