गोपिकाओं संग होली खेलते राधाकृष्ण। कुमाऊं के पहाड़ों पर बसा मंदिर। ईसा मसीह का शिष्यों संग अंतिम भोज और नायिका का इंतजार।
परंपरागत चित्रकारी से लेकर कला के विभिन्न आयामों को 14 चित्रकारों ने कैनवस पर रंगों से उकेरा तो कला के पारखियों का मजमा लग गया।
कैसरबाग राज्य ललित कला अकादमी लाल बारादरी में यूपी वर्किंग आर्टिस्ट एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को आयोजित सामूहिक प्रदर्शनी में कला के 50 से ज्यादा कलेवर दिखे।
चित्रों में साकेत कॉलेज, फैजाबाद के प्रो. डॉ. कुमुद सिंह, डॉ. बुशरा खातून, नगर की चिकित्सक डॉ. शाइस्ता के चित्रों के अलावा हरिमोहन, राहुल राय, दीप कुमार, इच्छित, अतुल कुमार, सिम्मी यादव, जेबी साहनी, ललिता धीमान, अम्मर अली खान, रंजीता और शिबली खान के लगभग 50 से अधिक चित्रों को शौकीनों से सराहा।
अतुल कुमार की कुमाऊं के मंदिरों पर बनी सीरीज प्रदर्शनी के आकर्षण का केंद्र बनी। 9 मई तक यहां चलने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार उमेश सक्सेना ने किया।