मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मृत कानपुर के शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी का निधन अत्यंत दुखद है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने शुभम के पिता संजय द्विवेदी से फोन पर बात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में प्रदेश सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इसी साल 12 फरवरी को शुभम और ऐशन्या की शादी हुई थी।
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सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शुभम द्विवेदी के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके कानपुर लाया जाए। उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शुभम के परिवार की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि पहलगाम हिंसा में आतंकवादियों की गोली का शिकार हुए शुभम द्विवेदी के घर शोक का माहौल है। उनकी दो माह पूर्व ही शादी हुई थी। मंगलवार को पहलगाम में आतंकियों ने शुभम को उनकी पत्नी के सामने ही गोली मार दी थी। शुभम के पिता संजय द्विवेदी सीमेंट के कारोबारी हैं।
डिप्टी सीएम से मिल फफक पड़े पिता।
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी का शव हवाई जहाज से बुधवार देर रात अमाैसी एयरपोर्ट पर लाया गया। यहां से शुभम का शव एंबुलेंस से ग्रीन काॅरिडोर बनाकर कानपुर भेजा गया। वहीं, नेपाल निवासी न्याैपाने का शव भी हवाई जहाज से लाने के बाद एंबुलेंस से नेपाल नेपाल भेजा गया।
शुभम का शव जैसे ही लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया उनके साथ आए माता-पिता फफक पड़े। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। वह टर्मिनल पर शुभम के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात भी दोहराई। शव पहुंचने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अपनी निगरानी में उन्हें कानपुर और नेपाल रवाना किया।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक्शन में सुरक्षा बल
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पहलगाम की बायसरन घाटी में मंगलवार को आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग पर्यटक घायल हैं। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। आतंकी हमले के बाद बुधवार सुबह से सेना से लेकर एनआईए, पुलिस और अन्य एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। ड्रोन और हेलिकॉप्टर से चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है। साथ ही आतंकियों की तलाश की जा रही है। जम्मू कश्मीर से दिल्ली तक हाई अलर्ट पर है।
बायसरन घाटी में हुए हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों की पहचान कर ली गई है। दो पाकिस्तानी आतंकियों की भी पहचान हुई है। मंगलवार को आतंकियों ने करीब 20 मिनट तक एके-47 से गोलीबारी की थी। स्थानीय आतंकियों के नाम आदिल अहमद ठाकुर और आशिफ शेख बताए जा रहे हैं।
पीएम मोदी के आवास पर हुई सीसीएस की बैठक में 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।
पहलगाम हमले पर PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'जो कल पहलगाम में हमला हुआ वह केवल मासूम पर्यटकों पर हमला भर नहीं था बल्कि जम्मू कश्मीर के लोगों पर हमला था। हम इसकी निंदा करते हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री यहां आए हुए हैं, मेरी उनसे अपील है कि वे पता लगाएं कि इसमें कौन लोग शामिल थे ताकि उन्हें जल्द से जल्द सजा दी जाए... मैं आपसे शर्मिंदा हूं, कश्मीरी आपसे शर्मिंदा हैं कि आप यहां आए और आपके साथ इतना बड़ा हादसा हुआ। इस समय हमें सियासत करने की जरूरत नहीं है। मैं एक बार फिर अपने देश के लोगों से माफी मांगना चाहती हूं और शर्मिंदगी जाहिर करना चाहती हूं।