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ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन...

Wed, 20 Aug 2014 03:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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35 साल पहले गाए भजन ‘ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन...’ के सुर जब भजन सम्राट अनूप जलोटा ने हारमोनियम की संगत पर छेड़े तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित तमाम श्रोता मुग्ध हो गए और गुनगुनाने लगे।
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फिर जब ‘कौन कहता है भगवान आते नहीं, मीरा की तरह तुम बुलाते नहीं’ भजन सुनाया तो माहौल भक्तिमय बन गया।

गायक ने एक के बाद एक कई भजन सुनाकर श्रोताओं को अपनी सुरमयी आवाज से मंत्रमुग्ध कर दिया।

वह हेल्प यू संस्था की ओर से उप्र हिंदी संस्थान के यशपाल सभागार में कवि उदय प्रताप सिंह के जन्मदिन पर आयोजित भजन संध्या में प्रस्तुति दे रहे थे।

इस अवसर पर संस्था की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. रूपल अग्रवाल ने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष ‘हेल्प यू जलोटा एकेडमी ऑफ स्प्रिीचुअल म्यूजिक’ का प्रस्ताव रखा।

समारोह में मुक्ता चटर्जी व अनूप जलोटा के भजनों की सीडी ‘मुक्ति मार्ग’ की लॉन्चिंग मुख्य अतिथि ने की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, हेल्प यू के हर्षवर्धन अग्रवाल, असीम यादव सहित साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
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‘संगीत की धरोहरों को सहेजने की जरूरत’मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह पहला मौका है जब जन्माष्टमी और उदय प्रताप सिंह का जन्मदिन लखनऊ में दो दिन मनाया गया। उदय प्रताप सिंह ने पार्टी के लिए 45 गाने लिखे। लेकिन अंग्रेजी धुनों वाले गाने को समाजवादी विचारधारा में ढालने का काम लाजवाब रहा।

उन्होंने ट्रस्ट के प्रस्ताव पर कहा कि संगीत की धरोहर को सहेजने की जरूरत है। सपा सरकार कैफी आजमी अकादमी खोल चुकी है। नौशाद के योगदान को सराहा जाना बाकी है। जरूरत पड़ी तो पॉलिसी बनाकर संगीत के प्रोत्साहन के लिए सहयोग किया जाएगा।
‘लखनऊ को लौटानी है शुद्ध गायकी’भजन सम्राट अनूप जलोटा ने कहा कि भातखण्डे से ही संगीत सीखा है। लखनऊ से जो सीखा वही संगीत प्रदेश को लौटाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो कुछ भी मिला, लखनऊ के लिए ही मिला। यहां की गलियां व चप्पा-चप्पा रोम में बसा है।
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उन्होंने कहा कि भजन शास्त्रीय रागों में होते हैं। शुद्ध गायकी की यही प्रथा संगीत संस्थान के मार्फत शहर को सौंपना चाहता हूं।
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