अपने लाडले को चुस्त और तंदुरुस्त बनाने के लिए आपके द्वारा रोज पिलाया जाने वाला फ्रूट जूस और बच्चों को स्नैक्स के साथ भाने वाला कोल्ड ड्रिंक उनके दांतों का दुश्मन बन गया है।
इसके चलते राजधानी में 12 साल से छोटे हर तीसरे बच्चे के दांत खराब हो रहे हैं। प्रदेश के दो डेंटल कॉलेजों द्वारा लखनऊ के 212 स्कूली बच्चों पर किए गए अध्ययन में यह दावा किया गया है।
राजधानी के स्कूलों में पढ़ रहे इन बच्चों के दांतों का यह परीक्षण उनके अभिभावकों की अनुमति लेने के बाद किया गया था। अध्ययन के दौरान बच्चों के परीक्षण के साथ ही दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य व पेय पदार्थों की जानकारियां भी पूछी गईं।
इनके आधार पर जुटाए आंकड़ों के आधार पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसका विश्लेषण सरदार पटेल पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की डॉ. पूजा सिन्हा, डॉ. सब्यसाची साहा और आजमगढ़ डेंटल कॉलेज के डॉ. सैफ अब्दुल्ला व डॉ. अभिषेक वर्मा ने किया।
अध्ययन में शामिल 212 में से 72 बच्चों के दांतों में सड़न की वजह से कटाव हो गया था। इनमें 21.80 प्रतिशत लड़के और 12.32 प्रतिशत लड़कियां थीं। अधिकतर बच्चों के सामने के ऊपर के दांत खराब होते पाए गए।
जानें, जूस से क्यों सड़ रहे दांत
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- फोटो : डेमो
82 बच्चों ने बताया कि वे नियमित तौर पर डिब्बा बंद फ्रूट जूस लेते हैं। इनमें से 55 यानी 67.07 प्रतिशत के दांतों में कटाव हो गया था। 76 बच्चों ने बताया कि वे नियमित तौर पर सॉफ्ट ड्रिंक पीते हैं। इनमें से भी 49 बच्चों यानी करीब 64.47 प्रतिशत के दांतों में सड़न के चलते कटाव हो गया था।
डॉ. पूजा सिन्हा के अनुसार ये डिब्बा बंद फ्रूट जूस अक्सर सिट्रिस फलों के होते हैं जिनमें सिट्रिक एसिड पाया जाता है। यह एसिड दांतों पर चिपक जाता है और कैल्शियम एनामल परत पर पीएच लेवल बढ़ाकर उसे नुकसान पहुंचाने लगता है। दूसरी ओर सॉफ्ट ड्रिंक में भी दांतों को नुकसान पहुंचाने की काफी क्षमता है, यह पूर्व में हुई रिसर्च में साबित हो चुका है।
बचाएं बच्चों के दांत
- आज की लाइफ स्टाइल में डिब्बाबंद जूस का चलन बढ़ा है, बच्चों को इससे पोषण मिलने की उम्मीद की जाती है।
- इससे ज्यादा पोषण फलों से मिलेगा, जो दांत खराब भी नहीं करते, बल्कि उन्हें ज्यादा स्वस्थ रखते हैं।
- कार्बोनेटेड ड्रिंक्स भी खाने के साथ पीना आम हो गया है, जिन्हें बच्चों को कतई नहीं दिया जाना चाहिए।