गणेशोत्सव के दौरान गोमती नदी से लिए गए पानी के नमूने की लैब टेस्ट के आधार पर यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) ने अपनी रिपोर्ट दी है।
इस रिपोर्ट में सामने आया है कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से गोमती नदी में प्रदूषण का स्तर कितना ज्यादा बढ़ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के अंत में गोमती के जल में घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) की जो मात्रा 5.0 मिग्रा प्रति लीटर थी, वह 4 सितंबर से शुरू हुए मूर्ति विसर्जन के बाद 8 सितंबर को न्यूनतम 1.8 मिग्रा प्रति लीटर तक पहुंच गई।
इस तथ्य के खुलासे के बाद यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से गोमती में प्रदूषण का स्तर कितना और बढ़ जाएगा।
इस बात ने यूपीपीसीबी के अधिकारियों को भी चिंतित कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूपीपीसीबी ने गोमती नदी की नियमित निगरानी कराई और समय-समय पर गोमती में प्रदूषण की मात्रा जांचने के लिए उसके पानी के नमूने लैब टेस्ट के लिए एकत्र किए।
दोगुनी हुई बॉयो ऑक्सीजन डिमांड
ये नमूने अगस्त के अंत से दुर्गा पूजा उत्सव के बाद तक लिए गए हैं। अधिकारियों को अब दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की रिपोर्ट का इंतजार है।
यूपीपीसीबी के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, गणेशोत्सव पर मूर्ति विसर्जन से पहले 30 अगस्त को घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) का स्तर पानी में 5.0 मिग्रा प्रति लीटर था।
वहीं 4 सितंबर से शुरू हुए मूर्ति विसर्जन के बीच यह 8 सितंबर को यह आंकड़ा न्यूनतम 1.8 मिग्रा प्रति लीटर तक पहुंच गया। इसकी वजह से बायो ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) में भी दोगुने तक का इजाफा हो गया।
टोटल सॉलिड वेल्यू में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई। लैब की वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मंजू गुप्ता ने बताया कि दुर्गापूजा के समय हुए विसर्जन के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। आईआईटीआर को पानी में बढ़े जहरीले तत्वों पर रिपोर्ट अभी देनी है।
गोमती में घुले जहर के लिए हाईकोर्ट मांगेगा जवाब
गोमती नदी में बढ़ रहे प्रदूषण और पेयजल की गुणवत्ता पर जनहित याचिका की सुनवाई में बृहस्पतिवार को यूपीपीसीबी को अपना जबाव दाखिल करना है।
ऐसे में मूर्ति विजर्सन के समय बढ़ा प्रदूषण अधिकारियों को परेशान किए हुए है। मंगलवार को भी अधिकारी आंकड़ों से जूझते रहे। हाईकोर्ट ने यूपीपीसीबी को गोमती में प्रदूषण का स्तर पता लगाकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
यूपीबीसी के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्र कहते हैं कि मूर्ति विसर्जन के समय के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। दशहरा की छुट्टियों के चलते दुर्गापूजा उत्सव के आंकड़े तैयार नहीं हो सके हैं।
हाईकोर्ट में भी इसकी जानकारी देनी है। हमारी टीम नदी में पानी की सेहत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। नमूने लेकर इनकी जांच भी कराई जा रही है।