लखनऊ। बच्चे की मौत के मामले में एक साल की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल को दोषी ठहराया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि इसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ संचालन पर रोक लगाने के लिए पुलिस व सीएचसी प्रभारी को पत्र भेजा गया है।
बीते वर्ष 21 जुलाई को ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज निवासी जियान (3) की ऑक्सीजन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच पहले अपर निदेशक लखनऊ मंडल डॉ. जीपी गुप्ता ने की। नोटिस जारी करके डॉक्टर को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया तो वह बीमारी का बहाना बताकर गायब हो गया।
दो महीने इंतजार के बाद अपर निदेशक ने सीएमओ को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ऑफिस से अस्पताल को पांच पत्र जारी किए गए, लेकिन डॉक्टर व संचालक साक्ष्य के साथ कमेटी के सामने पेश नहीं हुए। कई माह अटकाने के बाद अब कमेटी ने जांच रिपोर्ट में अस्पताल को दोषी करार दिया है।
कमेटी सदस्यों का कहना है कि जांच में सामने आया कि बच्चे का इलाज कुशल विशेषज्ञ ने नहीं किया था। इलाज में लापरवाही से उसकी जान गई।