महोबा में जेल जा चुके हैं 19
बंजर, नाला की भूमि और बिना किसान की जानकारी दिए फर्जी बटाईदार के जरिए यह खेल हुआ है। किसानों ने आंदोलन किया तो 26 नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिसमें 19 जेल जा चुके हैं। सामुदायिक सेवा केंद्र संचालक, दलाल और बीमा रकम लेने वाले शामिल हैं। ये बांदा सहित अलग-अलग जिले के निवासी हैं।
किसान नेता गुलाब सिंह की मांग है कि प्रदेशभर में जांच कराई जाए। क्योंकि जिन कंपनियों ने बुंदेलखंड में बीमा किया है, वही अन्य जिलों में भी हैं। महोबा के अलावा अन्य जिलों में अभी तक जांच शुरू नहीं होने से साफ है कि विभागीय अधिकारियों की मंसा ठीक नहीं है।
पीएम फसल बीमा योजना की स्थित
| वर्ष |
किसान |
बीमित राशि |
क्षतिपूर्ति वितरण |
| 2023-24 |
30.40 लाख |
15925.35 |
429.86 |
| 2024-25 |
31.27 लाख |
14902.43 |
408.41 |
| 2025-26 |
24.46 लाख |
10136.84 |
142.02 |
(नोट- बीमित राशि और क्षतिपूर्ति करोड़ में। वर्ष 2025-26 में अभी रबी सीजन चल रहा है। )
क्या कहते हैं जिम्मेदार
कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि बुंदेलखंड के सभी अधिकारियों को सतर्क किया गया है। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सांख्यिकी विभाग सतर्क है।