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ओवैसी का सरकार पर हमला: बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ा कानून रद्द हो, एसआईआर भी खत्म किया जाए

सार

असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने मांग रखी कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ा कानून रद्द हो। साथ ही एसआईआर भी खत्म किया जाए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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असदुद्दीन ओवैसी का सरकार पर हमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को रद्द करने की मांग की। कहा कि इस कानून से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को भी शामिल करना चाहिए।
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ओवैसी ने कहा कि जब यह विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था, तभी उन्होंने चेतावनी दी थी कि इसके प्रावधानों से भारतीय जनता के बीच चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कम होगी। आरोप लगाया कि कानून में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को सेवानिवृत्ति के बाद कानूनी सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है। उनके मुताबिक, इस कानून को रद्द करके नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया जाना चाहिए।
 

एसआईआर पर भी उठाए सवाल

एसआईआर पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि आखिर यह प्रक्रिया कहां से आई। उन्होंने दावा किया कि 10 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं। इसके बावजूद फॉर्म-6 के आवेदनों की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों की मैपिंग पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर को भी बंद करने की मांग की।

INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर बोले- मैं इसका हिस्सा नहीं

INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर ओवैसी ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट भी इस अधिकार की बात कह चुका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उसके कार्यक्रम पर टिप्पणी नहीं कर सकते। 

सीजेआई से मुलाकात पर उठाया शक्तियों के बंटवारे का सवाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करने की INDIA ब्लॉक की पहल पर ओवैसी ने कहा कि सांसद होने के नाते वे कार्य पालिका का हिस्सा नहीं हैं। यदि उन्हें कोई शिकायत है, तो वह प्रधानमंत्री से है। उन्होंने सवाल उठाया कि सांसद मुख्य न्यायाधीश से कैसे मिल सकते हैं?
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उन्होंने शक्तियों के पृथक्करण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ दिन पहले 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से संबंधित स्थायी समिति सुप्रीम कोर्ट से मिलने की कोशिश कर रही थी। उस समय भी शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को लेकर सवाल उठाए गए थे। विधायिका, कार्य पालिका और न्यायपालिका अलग-अलग संस्थाएं हैं और उनके बीच इस अंतर का ध्यान रखा जाना चाहिए।
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