आजमगढ़ के संजरपुर गांव को गोद लेने की घोषणा करने से लेकर आतंकी याकूब मेनन की फांसी पर सवाल उठाने वाले हैदराबाद के सांसद असादुद्दीन ओवैसी की सभाओं को भले ही उत्तर प्रदेश में अनुमति न मिल पा रही हो, लेकिन उनकी पार्टी सूबे के मुसलमानों के मौजूं सवालों को गरमाकर सपा सरकार की घेराबंदी की तैयारी में है।
45 जिलों में संगठन का ढांचा खड़ा करने का दावा करने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) मुसलमानों को आरक्षण के मुद्दे पर सूबे की सियासत को गरमाएगी। आरक्षण पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए एआईएमआईएम ने प्रदेश सरकार के खिलाफ पोल खोलो अभियान छेड़ने की घोषणा की है।
प्रदेश में लगभग 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है। मुस्लिम सियासत के लिए इसे मुफीद मानकर एआईएमआईएम ने साल भर पहले प्रदेश में पैर पसारने शुरू किए थे। पिछले साल दिसंबर में ओवैसी ने आजमगढ़ का दौरा कर चर्चित संजरपुर गांव को गोद लेने की घोषणा की। हालांकि, अभी इस गांव में कोई काम नहीं हुआ है। यह गांव 2008 में दिल्ली के बाटला हाउस मुठभेड़ कांड को लेकर सुर्खियों में आया था।
ओवैसी ने किया अगला विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान
एआईएमआईएम की योजना ओवैसी का आजमगढ़ में दौरा कराकर गांव गोद लेने की योजना को अमली जामा पहनाने की है। इस कार्यक्रम के जरिये वह पूर्वांचल में अपने आधार को विस्तार देना चाहती है। जुलाई में ओवैसी ने मेरठ और आगरा में रोजा इफ्तार कार्यक्रमों में शिरकत की थी। उनके कार्यक्रमों को अच्छा रेस्पांस मिला।
खास तौर पर युवाओं में ओवैसी से नजदीकियां बनाने की होड़ दिखी। इन कार्यक्रमों में ओवैसी ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान करके मुस्लिम सियासत में हलचल पैदा कर दी। ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी भी यूपी के लोगों को बुलाकर यहां के सियासी हालात पर चर्चा कर रहे हैं। पिछले साल ओवैसी लखनऊ आकर तहरीक उमर सोसाइटी के सदर मौलाना सईद अतहर कासमी समेत कई संगठनों के मुखिया से मिल चुके हैं।
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शौकत अली ने सोमवार को सपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि असादुद्दीन ओवैसी को सभा की अनुमति न देकर प्रदेश सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। जो व्यक्ति संसद में बोल सकता है, वह यूपी में किसी सभा में क्यों नहीं बोल सकता? उन्होंने कहा कि सपा, भाजपा और आरएसएस के एजेंडे पर चल रही है। वह अल्पसंख्यकों, खास तौर से मुसलमानों को भयभीत रखना चाहती है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदतर है। सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है।
मुसलमानों से किया वादा भूल गई सपा सरकार
शौकत अली ने कहा कि सपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में मुसलमानों को आरक्षण देने का वादा किया था। पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बावजूद सपा सरकार इससे मुकर गई है। सपा सरकार के खिलाफ एआईएमआईएम पोल खोलो अभियान चलाएगी। उनके कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर सरकार की वादाखिलाफी की जानकारी देंगे।
शौकत ने बताया कि पार्टी ने जिला पंचायत चुनावों में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। इससे पहले संगठन को दुरुस्त किया जा रहा है। 66 जिलों में एआईएमआईएम का सदस्यता अभियान चल रहा है। 45 जिलों में संगठन खड़ा कर दिया गया है। 25 जिलों में बूथ स्तर पर संगठन का विस्तार किया गया है।
काजमी दारूल उलूम देवबंद के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के हेड मुफ्ती अहमद फराज काजमी मानते हैं कि ओवैसी बंधु जिस तरह की सियासत करते हैं, उसे यूपी के मुसलमान स्वीकार नहीं करेंगे। वे सिर्फ मुसलमानों की बात करना चाहते हैं। यह न मुसलमानों के फायदे में है और न ही देशहित में।
उनके नजरिये से लगता है कि यूपी और बिहार में वे मुस्लिम वोटों का बंटवारा करके सेकुलरिज्म और हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करने वालों को कमजोर करना चाहते हैं। उनकी बातों से गैर मुस्लिमों को तकलीफ पहुंचती है, आपसी एकता और भाईचारे को ठेस लगती है। यदि वे सेकुलर सियासत करें, हिंदू-मुसलमानों की बात करें तो उनका स्वागत है।
यूं भी मुसलमान सपा-बसपा की सियासत से ऊब चुके हैं। कांग्रेस का हाल सबके सामने है। ऐसे में वह नए नजरिये के साथ आते तो आम आदमी पार्टी की तरह उम्मीद की किरण बन सकते थे।
ओवैसी की सक्रियता पर सपा चौकन्नी
महाराष्ट्र चुनाव में अपनी मौजूदगी का अहसास करा चुके ओवैसी बंधुओं की सक्रियता से सपा भी चौकन्नी हो गई है। यही वजह है कि पहले ओवैसी की बातों पर संज्ञान न लेने वाले सपा नेता उनके खतरे को भांप रहे हैं।
पिछले दिनों समाजवादी प्रबुद्ध सभा के सम्मेलन में सपा महासचिव व पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा था कि ओवैसी का प्रभाव बढ़ना प्रदेश और देश के लिए घातक है। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताते हुए मुस्लिमों से केवल सपा पर भरोसा रखने के लिए कहा था। आजम खां पहले ही कह चुके हैं कि महाराष्ट्र चुनाव में ओवैसी की भाजपा के साथ अंडरस्टैंडिंग थी।