संवेदनहीन और अमर्यादित टिप्पणी करने को लेकर पिछले दिनों कई बार चर्चा में आए गृह व पुलिस विभाग के आला अफसरों को हटो-बचो का रोग लग गया है।
मतलब यह कि मीडिया के सामने से हटे रहो तो बचे रहो। इस रोग का अधिक शिकार गृह विभाग के अफसर हो रहे हैं। वैसे डीजीपी भी इससे अछूते नहीं दिख रहे।
पहले से ही स्लाटर हाउस का खिताब पा चुके एनेक्सी के मीडिया सेंटर में संवेदनहीन टिप्पणी करने की वजह से कई अफसरों को सरकार की नाराजगी का शिकार होना पड़ा है।
इसी वजह से सरकार की ओर से रोज रखे जाने वाले पक्ष को बताने के लिए गृह विभाग के आला अफसर मीडिया ब्रीफिंग में आने से कतराने लगे हैं।
एक अफसर से जब पृूछा गया तो वह बेलाग बोले कि जब गृह और पुलिस के मुखिया जल्दी कोई बयान देने के लिए मीडिया के सामने नहीं आते तो बाकी के अफसर क्यों फंसे।