उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मी अब 55 के बजाय 60 वर्ष की उम्र तक काम कर सकेंगे। साथ ही पूर्व में हटाए गए पात्र कर्मियों को भी दोबारा काम पर रखने का अवसर मिलेगा। पॉवर कॉर्पोरेशन ने अध्यक्ष रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया। इससे प्रदेश के 50 हजार से अधिक कर्मियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
पूर्व में हटाए गए कर्मियों को दोबारा काम पर रखने पर भी सहमति बनी। हालांकि, ऐसे ही कर्मियों पर विचार किया जाएगा, जिनके खिलाफ पिछले कार्यकाल में कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार, अनुशासनहीनता, बिजली चोरी में संलिप्तता, धन उगाही, अनुचित आचरण या बिलिंग संबंधी कदाचार की शिकायत नहीं रही हो। पुनर्नियुक्ति से पहले संबंधित डिस्कॉम कर्मियों के पुराने अभिलेखों का सत्यापन करेगा।
बैठक में 33/11 केवी उपकेंद्रों पर तैनात कर्मियों के कार्य में सुधार और राजस्व वसूली बढ़ाने पर जोर दिया गया। निर्बाध बिजली आपूर्ति, विद्युत दोषों का त्वरित निस्तारण, पर्याप्त मानव संसाधन, आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार, लाइन लॉस में कमी और थ्रू-रेट बढ़ाने में कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। कॉरपोरेशन ने आगामी छह माह में एटीएंडसी हानियों में 10 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा है।