लखनऊ। चिनहट में दो दोस्तों का अपहरण कर लूटे गए पांच लाख रुपये में कमता चौकी इंचार्ज मोहित भी बराबर का हिस्सेदार था। लूटे गए कुछ रुपये उसके पास भी हैं। यही नहीं वारदात के समय वह आरोपियों की गाड़ी में भी मौजूद था। यह बात पुलिस की छानबीन में पता चली है।
चिनहट पुलिस मोहित, सीआरपीएफ के दरोगा जय प्रकाश यादव, उसके साथी आनंद दुबे और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने आरोपियों के कुछ करीबी लोगों से उनके संभावित ठिकानों के बारे में पूछताछ की और कई स्थानों पर दबिश भी दी है। उनकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
सभी के मोबाइल फोन बंद, क्राइम ब्रांच भी लगी
वारदात का खुलासा होने के बाद सभी आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं। ऐसे में उनकी सही लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रही है। चिनहट पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
आरोपी सिपाही निलंबित
इंस्पेक्टर ने बताया कि वारदात में गिरफ्तार कमता चौकी के सिपाही पूर्ण सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अभी आरोपी चौकी इंचार्ज मोहित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। जल्द ही उसे भी निलंबित किया जाएगा।
यह है पूरी घटना
पीजीआई के तेलीबाग स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी दिवाकर सिंह और उनके साथी अनूप शुक्ला को कंपनी में निवेश के बहाने 10 जून को चिनहट में बुलाकर अपहरण कर लिया गया और असलहे के बल पर उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए गए। दिवाकर सिंह के भाई प्रभाकर सिंह ने चिनहट थाने में जय प्रकाश यादव, आनंद दुबे और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने कमता चौकी के सिपाही पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था।
मामले में अब तक पकड़े गए आरोपी।