लखनऊ विकास प्राधिकरण जल्द ही ओटीएस लागू करेगा। करीब 15000 डिफॉल्टरों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
हालांकि इस बार एक बदलाव के तहत ग्रुप हाउसिंग का प्लॉट लेने वाले बिल्डरों को बकाए में कोई छूट नहीं मिल सकेगी।
पिछली बार कई बिल्डरों ने एलडीए को करोड़ों रुपये की चोट इसी तरह पहुंचाई थी। 15 फरवरी तक ओटीएस लागू की जा सकती है। इसके तहत डिफाल्टरों को चक्रवृद्धि नहीं केवल सामान्य वार्षिक दर से ब्याज देना होगा।
योजना में अधिकांश आवासीय सम्पत्तियों, समस्त प्रकार की सरकारी संस्थाओं को आवंटित सम्पत्तियों एवं स्कूल भूखण्डों चैरिटेबल संस्थाओं की रियायती दर पर आवंटित संपत्ति तथा समस्त प्रकार की व्यवसायिक सहकारी आवास समितियों को आवंटित सम्पत्तियों पर समय से किस्त जमा न करने वाले आवंटियों से दंड ब्याज के स्थान पर नियमानुसार साधारण ब्याज लिया जाएगा।
ईडब्ल्यूएस भवन/भूखंड के लिए 100 रुपये प्रोसेसिंग फीस और अग्रिम जमा राशि 5,000 रुपये होगी।
एलआईजी भवन/भूखंड के लिए पंजीकरण राशि 500 और प्रोसेसिंग फीस, एडवांस 10,000, अन्य श्रेणी की आवासीय एवं मिक्स्ड लैंडयूज की संपत्तियों तथा व्यावसायिक निर्मित दुकानों भूखंडों के लिए पंजीकरण शुल्क 1,000 और प्रोसेसिंग फीस 25,000, ग्रुप हाउसिंग के लिए 5,000 और 1,00,000 रुपये राशि निर्धारित है।
संस्थागत सम्पत्तियों के लिए 5,000 और 1,00,000 रुपये होने की उम्मीद है।
जमा की जाने वाली प्रारंभिक राशि में से देय धनराशि का समायोजन करने के पश्चात यदि अधिक जमा धनराशि आती है तो उसे रजिस्ट्री सम्बन्धी अन्य व्यय जैसे: फ्री-होल्ड/ वाटर सीवरेज चार्ज और अन्य व्यय में समायोजित किया जाएगा।
इस योजना में देय धनराशि के 50 प्रतिशत धनराशि का भुगतान 30 दिनों के अन्दर तथा अवशेष 50 प्रतिशत धनराशि का भुगतान 60 दिनों के अन्दर जमा करना होगा।
प्राधिकरण के सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने बताया कि शासन ने ओटीएस को लेकर प्रस्ताव मांगे हैं। बहुत जल्द ही स्कीम प्राधिकरण में लागू कर दी जाएगी।