लखनऊ। कैंट विधानसभा के उपचुनाव में बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले प्रचार के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन प्रत्याशी के साथ ही निगरानी टीम व दस्ते के जिम्मेदारों को भी भारी पड़ेगा। अनुमति की मूल प्रति न दिखाने पर प्रचार वाहन को जब्त कर प्रत्याशी संग वाहन स्वामी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई होगी। सचल टीमों की लापरवाही सामने आई तो टीम प्रभारी संग अन्य के खिलाफ विभागीय स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई भी होगी।
यह जानकारी देते हुए एडीएम प्रशासन एसपी गुप्ता ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों पर जिस प्रत्याशी या पार्टी के समर्थन का झंडा या सामग्री मिलेगी, उसका चुनावी खर्च संबंधित प्रत्याशी के खाते में ही जोड़ा जाएगा, भले ही वह वाहन प्रत्याशी इस्तेमाल में ला रहा हो या नहीं। साथ ही विधानसभा क्षेत्र में होने वाली हर एक चुनावी सभा, चुनावी रैली, जुलूस या सामूहिक जनसंपर्क की अनुमति भी रिटर्निंग ऑफिसर से लेना अनिवार्य होगा। चुनाव प्रचार के दौरान जो भी प्रचार सामग्री छपवाई जाएगी, उसके सामने के पृष्ठ पर या पीछे की तरफ प्रकाशन से जुड़ी प्रिंटिंग प्रेस का नाम व प्रकाशित सामग्री की संख्या का विवरण देना जरूरी होगा।