शांति वाटिका लॉन में कवि सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन किया गया।
लखनऊ। सदाशिव साहित्यिक सेवा संस्थान की ओर से महाशिवरात्रि के अवसर पर त्रिवेणीनगर स्थित शांति वाटिका लॉन में कवि सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के मशहूर गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपने मुक्तकों और गीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपने एक मुक्तक से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने सुनाया- जो हाथ थाम लो वो फिर न छूटने पाए, प्यार की दौलतें कोई न लूटने पाए, जब भी छू लो बुलंदियां तो ध्यान ये रखना, जमीं से पांव का रिश्ता न टूटने पाए...। समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह, संस्थान के मुख्य संरक्षक विधायक डॉ. नीरज बोरा, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष लवकुश त्रिवेदी ने कवियों और कलाकारों का अभिनंदन किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत वाणी वंदना से हुई। शृंगार की कवयित्री डॉ. सुमन दुबे ने भी अपनी सुमधुर आवाज से श्रोताओं का दिल जीत लिया। विकास बौखल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। संचालन रामकिशोर तिवारी ने किया। अटल नारायण, विशेष शर्मा और प्रमोद द्विवेदी ने भी काव्यपाठ किया। संस्थान के महामंत्री राजकुमार अवस्थी, उपाध्यक्ष संजय सिंह, अजय त्रिवेदी, हरिश्चंद्र अग्रवाल, सतीश चंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
शांति वाटिका लॉन में कवि सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन किया गया।