लखनऊ। देश की 140 करोड़ आबादी है। इसमें से केवल छह लाख लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है। मृतक के परिजन अक्सर अंगदान से परहेज करते हैं। यह जानकारी केजीएमयू के एनेस्थीसिया विभाग के तन्मय तिवारी ने दी। उन्होंने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।
विश्व अंगदान दिवस पर इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (आईएसए) की उत्तर प्रदेश शाखा ने 'ऑपरेशन थिएटर से जनता तक' अभियान शुरू किया। आईएसए के मानद सचिव तन्मय तिवारी ने बताया कि अंगदान आठ मरीजों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने ब्रेन डेथ, अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी भ्रांतियों को स्पष्ट किया। कहा कि अंगदान और प्रत्यारोपण में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन कार्यक्रम में आईएसए उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजीव कुमार दुबे, राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन मल्होत्रा और सचिव राजीव गुप्ता और कई अस्पतालों के डॉक्टर शामिल हुए। विशेषज्ञ पैनल में गगन श्रीवास्तव, सुरुचि अम्बष्टा, शाहबाज अहमद और रणवीर सिंह त्यागी शामिल रहे।