फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'रवि' के अंगदान से पांच लोगों को मिली नई जिंदगी, दिल को छू लेने वाली है ये दास्तां

Thu, 22 Aug 2019 01:24 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
रवि - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लखनऊ के डालीगंज इलाके में रहने वाले युवक के अंगदान से पांच मरीजों को नई जिंदगी मिलेगी। इसमें लखीमपुर निवासी को लिवर प्रत्यारोपित किया गया है, जबकि एक किडनी लखनऊ तो दूसरी रायबरेली की महिला को प्रत्यारोपित की गई है। इसी तरह कार्निया जल्द दो नेत्रहीनों को प्रत्यारोपित होंगे।
विज्ञापन


डालीगंज के बमरौली निवासी श्याम किशोर का रवि उर्फ सुबोध 16 अगस्त को काम से मलिहाबाद गया था। वहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल रवि को परिवारीजन 18 अगस्त को ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। 19 अगस्त को ब्रेनडेड घोषित होने के बाद अंगदान के लिए परिवारीजनों से बात की गई। उनके राजी होने पर रवि का लिवर केजीएमयू में ही लखीमपुर  के 43 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। वह लिवर सिरोसिस से पीड़ित था। 

दोनों कार्निया केजीएमयू के आईबैंक में सुरक्षित रख ली गई हैं। वहीं, किडनी नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो ) के नियमानुसार एसजीपीजीआई को दे दी गई। एक किडनी रायबरेली की 35 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित की गई। 
विज्ञापन


उसका नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमित गुप्ता की निगरानी में इलाज चल रहा था। दूसरी किडनी प्रो. नारायण प्रसाद की निगरानी में इलाज कराने वाली राजधानी की 30 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित किया गया है। दोनों बी पॉजीटिव ग्रुप की हैं।

मरीज की हालत स्थिर

केजीएमयू की सह मीडिया प्रभारी डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि सोमवार रात 10 बजे से शुरू हुई प्रत्यारोपण की प्रक्रिया मंगलवार दोपहर 12 बजे तक चली। लखीमपुर के मरीज की हालत स्थिर है। मरीज को 24 घंटे तक निगरानी में रखा गया है। प्रत्यारोपण करने वाली टीम में मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. राजेश डे, डॉ. श्वेता सिंह की टीम के साथ केजीएमयू के गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिजीत चंद्रा, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. प्रदीप जोशी, डॉ. सुमित रुंगटा, डॉ. परवेज, डॉ. तुलिका चंद्रा, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. दर्शन बजाज, डॉ. शीतल वर्मा, सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, एमएस डा. बीकेओझा आदि थे।

नेत्रहीन को लगेगा कार्निया
प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीज के कार्निया आईबैंक के निदेशक प्रो. अरुण शर्मा की निगरानी में रखे गए हैं। मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद नेत्रहीन में प्रत्यारोपित किया जाएगा। कार्निया को 14 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। एक से दो दिन में मरीजों में इन्हें प्रत्यारोपित किया जाएगा।
विज्ञापन

एसजीपीजीआई में एक साथ तीन किडनी ट्रांसप्लांट

एसजीपीजीआई में मंगलवार को एक साथ तीन किडनी प्रत्यारोपण हुआ। प्रो. प्रसाद की निगरानी में इलाज कराने वाले मोतीलाल को किडनी प्रत्यारोपण की तैयारी चल रही थी। इसी बीच केजीएमयू से दान में दो किडनी मिलने की सूचना मिली। आनन- फानन टीम को अलर्ट किया गया। इसके बाद देर शाम से तीनों प्रत्यारोपण किए गए। टीम में प्रो. अमित गुप्ता, प्रो. नारायण प्रसाद के साथ प्रो अनीस श्रीवास्तव,  प्रो संजय सुरेका,  प्रोयूबी सिंह,  प्रो एमएस अंसारी आदि शामिल थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें