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होटलों को तोड़ने की जगह दे दिया संवारने का मौका

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फोटो- मनीष वर्मा।
होटलों को तोड़ने का था आदेश, दे दिया रिनोवेशन का मौका
सबहेड- विराट व एसएसजे इंटरनेशनल होटलों में अग्निकांड में हुई थी छह की मौत, निर्माण कार्य शुरू होने पर जागा एलडीए, रुकवाया काम
क्रासर- आदेश के बाद सील तक नहीं किए गए होटल
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। पिछले साल जिन दो होटल विराट इंटरनेशनल और एसएसजे इंटरनेशनल में अग्निकांड में छह लोगों की मौत हुई। उन होटलों के अवैध निर्माण तोड़ने की जगह रिनोवेशन शुरू करने का मौका दे दिया गया। एलडीए के आला अधिकारियों तक जानकारी पहुंची तो आनन-फानन मौके पर काम रूकवाया गया। एलडीए की तरफ से लापरवाही का यह आलम उस समय सामने आया है जब आवास विभाग खुद जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठा चुका है।
मालूम हो कि 19 जून 2018 को हादसे के बाद दोनों होटलों को सील कर दिया गया था। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, होटल मालिकों का कहना है कि उन्हें कोर्ट से अनुमति मिल गई है। हालांकि, एलडीए अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कराने के लिए कोई अनुमति होटल मालिक नहीं दिखा पाए हैं। ऐसे में एलडीए अब अपनी कार्रवाई दोनों केखिलाफ शुरू कर रहा है। वहीं रिनोवेशन के काम को भी रुकवा दिया गया है। एलडीए की टीम लगातार होटलों की निगरानी भी कर रही है जिससे कि वहां काम न हो सके। नाका थानाक्षेत्र की पुलिस को भी निर्माण न होने देने के लिए सूचना भेज दी गई है।
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कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस
जोन-6 में प्रवर्तन के कामों के लिए जिम्मेदार एलडीए के अधिशासी अभियंता ओपी मिश्रा से जब पूछा गया कि आखिर हादसे के बाद क्या कार्रवाई की गई। इस पर उनका जवाब मिला कि 50 से अधिक होटलों को नोटिस दिए गए। कुछ के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में भी वाद भेजे गए हैं जिससे जुर्माना की कार्रवाई हो सके। सील की कार्रवाई अभी तक जोन में सिर्फ एक होटल में की गई है। वहीं ध्वस्तीकरण के एक भी आदेश पर अमल एलडीए नहीं करा सका है। पूरी कार्रवाई का निचोड़ यह है कि एलडीए इतने बडे़ हादसे के बाद भी भी नहीं जागा। इसी वजह से मौत को न्यौता दे रहे होटलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी।
जहां कार्रवाई, वहीं एफआईआर की प्रक्रिया शुरू
एलडीए के जोन-6 की तरफ से जिस होटल एएलएफ कॉन्टीनेंटल को सील किए जाने की एकमात्र कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। उस होटल में लगातार व्यावसायिक उपयोग खुद एलडीए के जिम्मेदारों की जानकारी में चल रहा है। अब जोन-6 के अधिशासी अभियंता ओपी मिश्र ने खुद इस होटल के मालिकों के खिलाफ सील तोड़कर व्यावसायिक उपयोग करने के चलते एफआईआर कराने के लिए तहरीर भिजवाई है। एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं? इस सवाल का जवाब उनके पास भी नहीं है।
ध्वस्तीकरण का आदेश लेकिन कार्रवाई नहीं
नाका थाना क्षेत्र में गलियों में चल रहे 300 से अधिक होटलों में से छह महीने पहले दो होटल न्यू डायमंड, हुसैनगंज और होटल अमरप्रीत, पानदरीबा के ध्वस्तीकरण के आदेश हो चुके हैं। इन दोनों ही होटलों पर एलडीए कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। अवैध निर्माण कर खतरनाक तरीके से बनाए गए होटल कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। न्यू डायमंड में तो 650 वर्ग फीट साइज के भूखंड पर छह मंजिला निर्माण कर दिया गया है। हुसैनगंज चौराहे पर मौजूद इस होटल का खतरा एलडीए को नहीं दिखता। इसका ध्वस्तीकरण न हो पाने तक सील करने तक की कार्रवाई जरूरी नहीं समझी गई।
अब ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू
एलडीए के अधिशासी अभियंता ओपी मिश्रा का कहना है कि दोनों होटलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी है। इनमें से एक का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। ऐसे में पूरा निर्माण ही तोड़ा जाएगा। वहीं एक का आवासीय मानचित्र स्वीकृत है। ऐसे में मानचित्र से अधिक बनाए गए निर्माण को जल्द तोड़ा जाएगा।
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एलडीए और अग्निशमन विभाग को करनी है कार्रवाई
डीएम कौशल राज शर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन वैधानिक रूप से सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। एलडीए और अग्निशमन विभाग को ही कार्रवाई कर सील करने या तोड़ने के अधिकार मिले हुए हैं। इन दोनों विभागों से समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है। एक्ट के अनुसार, एनओसी अब तभी दी जाती है। जब एलडीए की तरफ से भू-उपयोग पर उचित रिपोर्ट मिल जाए।
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