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कानून व्यवस्था और किसान के मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामा, डेढ़ घंटे में तीन बार सदन स्थगन

Wed, 19 Dec 2018 05:42 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शन करते सपा विधायक
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सरकार के खिलाफ एकजुट विपक्ष ने बुधवार को विधान परिषद की कार्यवाही नहीं चलने दी। सपा सदस्यों ने जहां वेल में आकर जमकर हंगामा किया, वहीं बसपा के सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध किया।

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वे प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने और किसानों की ओर ध्यान न देने का आरोप लगा रहे थे। हंगामे के बीच ही विधायी कार्य निपटाए गए। डेढ़ घंटे में तीन बार सदन की कार्यवाही के स्थगन के बाद भी जब बात नहीं बनी तो सभापति रमेश यादव ने पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।

सुबह 11 बजे जैसे ही विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई, सपा के सदस्य राजेश यादव, आनंद भदौरिया, सुनील साजन, अरविंद सिंह, नरेश उत्तम पटेल और अहमद हसन नारे लगाते हुए वेल में आ गए। वे अपने हाथ में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।
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नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। पुलिस या तो थानों में पिट रही है या निर्दोषों को ठोक रही है। किसानों का आलू बिक नहीं रहा है, जबकि बालू महंगा हो गया है। बुलंदशहर के मुख्य अभियुक्त को ही सत्ताधारी दल संरक्षण दे रहा है। औरतें जिंदा जलाई जा रही हैं।

सभापति रमेश यादव ने प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, पर सपा के सदस्य शांत नहीं हुए। इस पर 20 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद भी सपा के सदस्य वेल में ही डटे रहे। उसके बाद स्थगन का समय 40 मिनट और फिर 20 मिनट के लिए और बढ़ाया गया।

12:20 बजे जैसे ही सभापति पुन: सदन में आए, सपा सदस्य फिर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही सभापति ने नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा से अनुपूरक बजट पेश करने के लिए कहा। डॉ. शर्मा के अनुपूरक बजट पेश करने के बाद विशेष सचिव, विधान परिषद डीके गुप्ता ने एजेंडा रखा। शोर-शराबे के बीच ही ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बाद के विधायी कार्य निपटाए।

इसके बाद सभापति ने नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन से अनुपूरक बजट पर बोलने के लिए कहा। नेता प्रतिपक्ष ने बोलने से इन्कार करते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में बोलने से कोई फायदा नहीं। नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि सरकार तो सदन के अंदर बहुमत की आवाज दबाने में जुटी हुई है। हंगामा जारी रहने पर करीब 10 मिनट बाद सभापति ने पूरे दिन के लिए विधान परिषद स्थगित कर दी।

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सत्ता पक्ष के साथ बैठीं सपा की एमएलसी

सपा की विधान परिषद सदस्य रमा मिश्रा बुधवार को सत्ता पक्ष की सीट पर बैठीं। यहां बता दें रमा मिश्रा वर्ष 2016 में सपा से विधान परिषद में पहुंची थीं। विधानसभा चुनाव में उनके पति विजय मिश्रा का सपा से टिकट काट दिया गया, तब वे निषाद पार्टी के टिकट पर भदोही की ज्ञानपुर सीट से जीते।
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