सरोजनीनगर विधायक डाॅ. राजेश्वर सिंह ।
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डाॅ. राजेश्वर सिंह ने अयोध्या और श्रीराम मंदिर पर विपक्षी दलों के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वह आज अयोध्या के नाम पर राजनीतिक सहानुभूति बटोर रहे हैं। इन दलों ने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक तक कहा था। देश और सनातन समाज यह नहीं भूला है।
डाॅ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि राम जन्मभूमि के प्रश्न को वोट बैंक की राजनीति के कारण वर्षों तक उलझाए रखा गया। अयोध्या केवल शहर नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। श्रीराम मंदिर का निर्माण किसी राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं है। यह करोड़ों रामभक्तों के त्याग, संघर्ष और विश्वास की ऐतिहासिक विजय है। अयोध्या की धरती रामभक्तों के बलिदान और दशकों तक चले संघर्ष की साक्षी है। जिन्होंने इस आंदोलन का विरोध किया, वह आज स्वयं को अयोध्या का हितैषी बताने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास और श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद दुनिया भारत की सांस्कृतिक शक्ति को नए दृष्टिकोण से देख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या आस्था की वैश्विक राजधानी के रूप में उभरी है। यह आधुनिक बुनियादी ढांचे, पर्यटन, निवेश और रोजगार का भी केंद्र बन रही है। अयोध्या में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है। यह सत्य की असत्य पर और आस्था की उपेक्षा पर विजय का प्रतीक है। यह मंदिर उन करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान है, जिनकी आस्था को लंबे समय तक अनदेखा किया गया। श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय आत्मविश्वास के पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है।