कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को किसान संगठनों के समर्थन में राजनीतिक दलों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया। कई जिलों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लखनऊ में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे सपाइयों पर हुए लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को चोटें आई हैं। रात में करीब डेढ़ सौ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कलेक्ट्रेट जाने के लिए निकलने पर पाबंदी लगाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने गौतमपल्ली स्थित अपने आवास पर धरना दिया।
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने जिलों में शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया। पुलिस ने कई जगह उन पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया, हजारों की संख्या में गिरफ्तारी की। जिला तथा महानगर अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कासगंज में किसान बैलगाड़ी और भदोही व बुलंदशहर में ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर रोक लोकतंत्र की हत्या हो रही है। भाजपा सरकार चाहे जितना दमन और अत्याचार कर ले, अन्नदाता से अन्याय पर समाजवादियों का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा किसान नाराज हैं और दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। उन्होंने कहा कि 2022 में प्रदेश में सपा सरकार बनेगी और किसानों के माफिक जनहित के कदम उठाए जाएंगे। किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा मिलेगी। भाजपा को किसानों को अपमानित करने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। राजधानी लखनऊ में कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित जिला कार्यालय से कलेक्ट्रेट की ओर कूच करना चाहा तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया। पुलिस लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।