अयोध्या। हत्या के मामले में हार्टअटैक बताकर विरोधाभासी पीएम रिपोर्ट देने का मामला अब प्रदेश मेडिको लीगल सेल के समक्ष पेश होगा। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सलाह पर सीएमओ ने दोनों रिपोर्ट भेजकर राय मांगी है। मामला लखनऊ निवासी साहिल की हत्या से संबंधित है।
14 जून को रौनाही थाना क्षेत्र के लोनियाबाग मदरसे के मोड़ के पास लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र के ताड़ीखाना, पलटन छावनी, कटरा निवासी साहिल का शव मिला था। शव की शिनाख्त के बाद 16 जून को सीएचसी खंडासा में तैनात डॉ. अभिमन्यु सिंह ने पोस्टमार्टम की तो ह्रदयाघात से मौत होने की रिपोर्ट दी। शव के हालात देखकर संदेह हुआ तो दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। इस बार मृतक के शरीर पर चोट के 13 निशान मिले और हत्या की पुष्टि हुई।
हत्या जैसे मामले में की गई घोर लापरवाही पर एसएसपी ने नाराजगी जताई। उन्होंने 17 जून को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच कराने की मांग की। 18 जून को जिलाधिकारी ने सीएमओ को पत्र लिखकर जांच कर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने 23 जून को एसीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई है।
ऑपरेटर व चिकित्सकों के बयानों के आधार पर कमेटी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। बल्कि, मामले को लटकाने के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद लेने का सुझाव दिया। प्रकरण विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया तो वहां से भी जवाब मिल गया। वहां से इस मामले में कोई निर्णय देने से इंकार करके प्रदेश मेडिको लीगल सेल से जांच की सलाह दी गई। ऐसे में अब भी यह मामला लटकने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार शव को देखकर ही हत्या की आशंका लग रही थी। छानबीन के दौरान एक वीडियो पुलिस के हाथ लगा था, जिसमें युवक को डंडे से पीटा जा रहा था। उसके शरीर पर भी चोट के बाहरी निशान दिख रहे थे। फिर भी हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि करना हास्यास्पद और लापरवाहीपूर्ण लग रहा था। इस पर ही एसएसपी ने सवाल उठाए थे।