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सरकारी अस्पतालों में बंद विभागों की ओपीडी शुरू, कोरोना के खौफ से कम पहुंचे मरीज

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सरकारी अस्पतालों में बंद विभागों की ओपीडी शुरू, कोरोना के खौफ से कम पहुंचे मरीज
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शासन के फरमान के बाद सरकारी अस्पतालों में बंद विभागों की ओपीडी बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। लेकिन कोरोना के खौफ और बारिश की वजह से ओपीडी में सन्नाटा रहा। अमूमन सभी विभागों में कम मरीज पहुंचे।
मालूम हो कि लॉकडाउन हटने के बाद सिविल, बलरामपुर, रानीलक्ष्मीबाई अस्पताल और बीआरडी महानगर समेत अन्य सीएचसी पर कुछ विभागों की ओपीडी शुरू कराई गई थी।
इसमें एंटीरेबीज, सर्जरी, फीवर क्लीनिक, ईएनटी, यूरोलॉजी और आर्थोपैडिक समेत अन्य विभाग थे। अब शासन से निर्देश मिलने के बाद दंत संकाय, नेफ्रोलॉजी, मेडिसिन और सीवीटीएस समेत अन्य विभागों की भी ओपीडी शुरू करा दी गई है। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
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सिविल अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि अस्पताल में पहले से सभी विभागों की ओपीडी व सर्जरी चल रही है। वहीं, बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि सभी विभागों की ओपीडी चल रही है।
लॉकडाउन के बाद से महज 10 प्रतिशत मरीज ही ओपीडी में आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों का कहना है कि लॉकडाउन से पहले ओपीडी में रोजाना आठ से दस हजार मरीज आते थे।
अब यह आंकड़ा हजार से 1500 पर सिमट गया है। अभी लोगों में कोरोना का डर है। इसके चलते मरीज अस्पताल आने से कतरा रहे हैं।
बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में पसरा सन्नाटा
बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में सुबह 11 बजे मरीजों की संख्या बेहद कम रही। यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और एंटीरेबीज के विभागों में डॉक्टर व स्टाफ मरीज आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, खून जांच केंद्र पर करीब दस मरीज कतार में थे। जबकि दंत संकाय की यूनिट में इक्का दुक्का मरीज ही थे।
लोहिया ओपीडी में भर गया पानी
लोहिया संस्थान के अस्पताल ब्लॉक की यूनिट में बारिश के चलते ओपीडी में जलभराव हो गया। करीब नौ बजे के बाद बाद ओपीडी शुरू हुई। डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर उन्हें जांच लिखी।
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हेल्थ पोस्ट सेंटर में नहीं चली ओपीडी
राजधानी में 52 हेल्थ पोस्ट सेंटर चल रहे हैं। यहां कार्यरत डॉक्टर, स्टाफ की ड्यूटी कोरोना में लगा दी गई है। इससे ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है। मरीज सामान्य बीमारी की दवा के लिए निजी क्लीनिक के चक्कर लगा रहे हैं।
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