लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में बृहस्पतिवार को गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग की ओपीडी रात साढ़े 12 बजे तक चलती रही। बुधवार को गुरुनानक जयंती का अवकाश होने से बृहस्पतिवार को मरीजों की भीड़ ज्यादा थी। ऐसे में गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में गौरव पांडेय की यूनिट सुबह नौ बजे से रात 12:30 बजे तक ओपीडी का संचालन करती रही।
संजय गांधी पीजीआई के गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में पूरे प्रदेश भर से मरीज परामर्श के लिए आते हैं। इस समय संस्थान में पांच दिन विभाग की ओपीडी चलती है। पेट के बढ़ते रोगियों के कारण यहां मरीजों का दबाव ज्यादा है। पीजीआई में बृहस्पतिवार को डॉ. गौरव पांडेय के साथ ही डॉ. राकेश अग्रवाल की ओपीडी रहती है। डॉ. राकेश अग्रवाल छुट्टी पर हैं। इससे डॉ. गौरव पांडेय ही अपने रेजिडेंट के साथ ओपीडी में तैनात थे।
सुबह नौ बजे से ओपीडी शुरू हुई। शाम साढ़े नौ बजे तक करीब साढ़े तीन सौ मरीज देखे गए। इसके बाद भी कई मरीज अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहे। इस दौरान डॉ. गौरव पांडेय वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों को देखने भी गए। रेजिडेंट ने कुछ देर का अवकाश लेने के बाद दोबारा मरीजों की हिस्ट्री लेनी शुरू की। कुछ देर बाद राउंड लेकर डॉ. गौरव पांडेय दोबारा ओपीडी में आए और बचे हुए मरीजों को देखने के बाद करीब साढ़े 12 ओपीडी समाप्त की।
मरीजों की सुविधा के लिए देर तक देख लेते हैं कई डॉक्टर
डॉ. गौरव पांडेय ही नहीं, पीजीआई में क्लीनिक इम्यूनोलॉजी विभाग के प्रो. विकास अग्रवाल और नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर प्रो. नारायण प्रसाद भी मरीजों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ये डॉक्टर भी देर तक ओपीडी चलाते हैं। वे केबिन पहुंचने वाले मरीजों को निराश नहीं करते।
Iआठ बजे तक ओपीडी का संचालन आम बात है। बुधवार को छुट्टी होने से मरीजों की संख्या ज्यादा थी। इस बीच गंभीर मरीजों को वार्ड में भी देखा गया। मरीजों को निराश न होना पड़े, इसलिए सभी को परामर्श देकर ही ओपीडी समाप्त की गई। I
I- डॉ. गौरव पांडेय, गैस्ट्रो मेडिसिन विभागI
डॉ. गौरव पांडेय।
डॉ. गौरव पांडेय।